छतरपुर। मध्य प्रदेश शासन के 'मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान' के अंतर्गत शुक्रवार को छतरपुर जिले के हरपालपुर स्थित शासकीय हाई स्कूल प्रांगण में वृहद जनविश्वास शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्रीय विधायक कामाख्या प्रताप सिंह, कलेक्टर मृणाल मीना और पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने संयुक्त रूप से उपस्थित होकर क्षेत्रवासियों की समस्याएं व शिकायतें सीधे सुनीं। प्रशासनिक व पुलिस प्रमुखों ने मौके पर ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर समय-सीमा में ठोस कार्रवाई करने और पात्र हितग्राहियों को जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कराने के कड़े निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, नौगांव एसडीएम जीएस पटेल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी व मैदानी अमला मौजूद रहा। शिविर में राजस्व, ग्रामीण विकास, पंचायत, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि व ऊर्जा विभाग से जुड़ी समस्याओं की सघन सुनवाई की गई।
राजस्व के 108 प्रकरणों का निपटारा, हितग्राहियों को सौंपे आदेश पत्र
शिविर के दौरान पूर्व में आयोजित प्री-शिविर में दर्ज राजस्व प्रकरणों की समीक्षा कर कुल 108 मामलों का विधिवत निराकरण किया गया और मौके पर ही हितग्राहियों को औपचारिक आदेश वितरित किए गए। इनमें नामांतरण के 56, आपसी बंटवारे के 3, सीमांकन के 4 और बीपीएल पात्रता से जुड़े 3 प्रकरण शामिल रहे। इसके अतिरिक्त प्राकृतिक आपदा व बारिश से आंशिक मकान क्षति के 42 प्रकरणों का त्वरित निराकरण करते हुए प्रभावित परिवारों के लिए 1 लाख 47 हजार 500 रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई।
नौगांव अनुभाग में 192 जाति प्रमाण पत्र वितरित
अभियान के तहत विद्यार्थियों और युवाओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए नौगांव अनुभाग में जाति प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदनों का त्वरित निस्तारण किया गया, जिसके तहत 192 नए जाति प्रमाण पत्र जारी किए गए। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर नागरिकों को शासन की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं, उनकी पात्रता शर्तों और ऑनलाइन सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्री-कैंप व मुख्य शिविर मिलाकर 511 आवेदनों का सफल समाधान
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जनपद व तहसील नौगांव, नगर पालिका परिषद हरपालपुर, पीएचई, विद्युत वितरण कंपनी, खाद्य, पशुपालन एवं पुलिस विभाग से जुड़े कुल 511 आवेदनों का प्री-शिविर और मुख्य शिविर के जरिए सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान का प्राथमिक उद्देश्य आमजन को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाना और गांव-कस्बों में ही प्रशासनिक सेवाओं व योजनाओं का पारदर्शी एवं त्वरित लाभ पहुंचाना है।

















