नई दिल्ली। दुनिया के सबसे बड़े और सार्वजनिक रूप से वित्तपोषित वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान संगठनों में से एक, वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की स्थापना 26 सितंबर 1942 को हुई थी। संस्थान इस वर्ष शनिवार को अपना 85वां स्थापना दिवस मनाने वाला है।इस दिन को संगठन के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन देश में विज्ञान, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सीएसआईआर के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के महत्वपूर्ण योगदान को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है।
इस अवसर पर युवाओं, स्कूली बच्चों और वैज्ञानिकों को देश की भलाई और सामाजिक विकास के लिए नए वैज्ञानिक समाधान खोजने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर प्रेरित किया जाता है। इस खास अवसर पर सीएसआईआर की सभी राष्ट्रीय प्रयोगशालाएं आम जनता और विद्यार्थियों के लिए खोली जाती हैं, ताकि वे विज्ञान और अनुसंधान के कार्यों को करीब से देख सकें।
सीएसआईआर देश का सबसे बड़ा अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) संगठन है। प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं। वहीं, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इसके उपाध्यक्ष हैं। इसका मुख्य उद्देश्य देश में वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देना और सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देना है।
सीएसआईआर विज्ञान और टेक्नोलॉजी (एसएंडटी) के अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी बेहतरीन अनुसंधान और विकास जानकारी के लिए जानी जाती है। सीएसआईआर का देशभर में फैला एक मजबूत नेटवर्क है, जिसमें 37 नेशनल लैबोरेटरी (जिनमें 11 जैविक विज्ञान, 9 रासायनिक विज्ञान, 10 इंजीनियरिंग विज्ञान, 2 सूचना विज्ञान और 5 भौतिक विज्ञान की प्रयोगशालाएं शामिल हैं), 39 आउटरीच सेंटर, एक इनोवेशन कॉम्प्लेक्स और तीन यूनिट शामिल हैं।
सीएसआईआर विज्ञान और टेक्नोलॉजी के कई क्षेत्रों में काम करता है, जिनमें ओशनोग्राफी (समुद्र विज्ञान), जियोफिजिक्स (भू-भौतिकी), केमिकल्स, दवाएं, जीनोमिक्स, बायोटेक्नोलॉजी और नैनोटेक्नोलॉजी से लेकर माइनिंग, एयरोनॉटिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन, एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी तक शामिल हैं।
यह सामाजिक कल्याण से जुड़े कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी-आधारित मदद देता है, जिनमें पर्यावरण, स्वास्थ्य, पीने का पानी, भोजन, आवास, ऊर्जा, खेती और खेती से जुड़े अन्य क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा, विज्ञान और टेक्नोलॉजी क्षेत्र में मानव संसाधन विकास में सीएसआईआर की भूमिका उल्लेखनीय है।














