भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार अपने स्टेट हैंगर और हवाई बेड़े को पूरी तरह हाईटेक और अत्याधुनिक बनाने जा रही है। 350 करोड़ रुपये की लागत वाले 'बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500' सुपर मिड-साइज जेट के अधिग्रहण के बाद अब सरकार ने फ्रांस की दिग्गज कंपनी एयरबस से करीब 225 करोड़ रुपये का अत्याधुनिक 'एयरबस ACH160' हेलिकॉप्टर खरीदा है। जेट विमान की डिलीवरी सितंबर के अंत तक और नए हेलिकॉप्टर की डिलीवरी नवंबर 2026 में प्रस्तावित है। नए विमानों की खरीद के साथ ही राज्य सरकार प्रदेशभर में एयर कनेक्टिविटी का मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करने में जुट गई है, जिसके तहत अगले दो वर्षों में हर 50 किलोमीटर के दायरे में नए हेलिपैड और 20 हवाई पट्टियों का रनवे विस्तार किया जाएगा।


लक्जरी और सेफ्टी फीचर्स से लैस है एयरबस ACH160 हेलिकॉप्टर

टैक्स और अन्य शुल्कों सहित करीब 225 करोड़ रुपये की लागत से खरीदा जा रहा एयरबस ACH160 हेलिकॉप्टर आधुनिक एविएशन तकनीक का नायाब नमूना है।

  • सिटिंग कैपेसिटी: इसमें 2 पायलटों के अलावा 9 वीआईपी यात्री आराम से सफर कर सकेंगे (अधिकतम क्षमता 10 यात्रियों तक बढ़ाई जा सकती है)।
  • स्पीड व रेंज: इसकी क्रूज स्पीड 155 नॉट (लगभग 287 किमी/घंटा) है और यह एक बार में लगातार 4 घंटे 30 मिनट तक उड़ान भर सकता है।
  • हाईटेक गैजेट्स: केबिन अत्याधुनिक इन-फ्लाइट कैमरों, डिजिटल एवियोनिक्स और आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों से लैस है।
  • पुराने बेड़े का रिप्लेसमेंट: सरकार के पास फिलहाल 2011 में खरीदा गया 13 साल पुराना 'एयरबस EC155 B1' हेलिकॉप्टर है, जिसके लगातार बढ़ रहे मेंटेनेंस खर्च और तकनीकी सीमाओं को देखते हुए नया हेलिकॉप्टर शामिल किया जा रहा है।


कनाडा में पायलटों की ट्रेनिंग पूरी, सितंबर अंत तक आएगा बॉम्बार्डियर जेट

350 करोड़ रुपये के नए बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट के संचालन के लिए मध्य प्रदेश विमानन विभाग पूरी तरह तैयार है। विभाग के दो वरिष्ठ पायलट विश्वास राय और अरविंद सिंह ने कनाडा में बॉम्बार्डियर के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेकर एडवांस सिम्युलेटर ट्रेनिंग पूरी कर ली है।

यह जेट 870 किमी/घंटे की क्रूज स्पीड और करीब 3,500 नॉटिकल मील की विशाल रेंज से लैस है, जिससे लंबी दूरी के सफर में बीच में ईंधन भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके आने से मुख्यमंत्री और अन्य वीवीआईपी दौरों के लिए निजी विमान किराए पर लेने की बाध्यता समाप्त हो जाएगी।


हर 50 किमी पर हेलिपैड: 63 नए हेलिपैड और 20 हवाई पट्टियों का होगा कायाकल्प

नए विमानों को प्रदेश के कोने-कोने तक उतारने के लिए सरकार ने बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान तैयार किया है:

  • हेलिपैड क्लस्टर: वर्तमान में प्रदेश में करीब 250 हेलिपैड हैं। सरकार अगले दो वर्षों में 63 नए हेलिपैड बनाकर हर 50 किलोमीटर पर एक सक्रिय हेलिपैड नेटवर्क तैयार कर रही है, ताकि वीआईपी को बड़े शहरों से सड़क मार्ग के लंबे सफर से न गुजरना पड़े।
  • रनवे विस्तार की चुनौती: चैलेंजर-3500 जेट को सुरक्षित लैंडिंग के लिए न्यूनतम 1,800 मीटर (आदर्श रूप से 2,100 मीटर) लंबे रनवे की आवश्यकता होती है। प्रदेश की 28 हवाई पट्टियों व एयरपोर्ट्स में से फिलहाल यह जेट केवल 10 जगहों (7 एयरपोर्ट और 3 हवाई पट्टियों—मंदसौर, सिवनी और मंडला) पर ही उतर सकता है। सतना जैसे नए बने एयरपोर्ट पर रनवे मात्र 1,300 मीटर होने से यह वहां नहीं उतर सकता।
  • ₹400 करोड़ का निवेश: विमानन विभाग ने सभी संबंधित जिला कलेक्टरों को पत्र लिखकर रनवे विस्तार के लिए जमीन चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। लगभग 20 हवाई पट्टियों के रनवे, एप्रोच रोड और बाउंड्रीवॉल विस्तार पर 300 से 400 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।


सालाना 60 से 70 करोड़ के भारी-भरकम किराए से मिलेगी राहत

विमानन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीते ढाई वर्षों में सरकारी दौरों और आपातकालीन व्यवस्थाओं के लिए निजी विमान और हेलिकॉप्टर किराए पर लेने में राज्य सरकार को औसतन 60 से 70 करोड़ रुपये सालाना खर्च करने पड़े हैं। नया सुपर जेट और आधुनिक हेलिकॉप्टर बेड़े में शामिल होने के बाद सरकार को इस भारी-भरकम वित्तीय बोझ से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी और राज्य का अपना आत्मनिर्भर, आधुनिक विमानन तंत्र विकसित हो जाएगा।