छतरपुर/महाराजपुर (शिवम चौरसिया)। शारदीय नवरात्र के पावन पर्व पर संपूर्ण क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है। नगर के सभी देवी मंदिरों और शक्तिपीठों पर तड़के से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रही है। इसी क्रम में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन संपन्न हो रहे हैं। नवरात्र की पंचमी तिथि के अवसर पर नगर के अत्यंत प्रसिद्ध सांवरी माता मंदिर एवं मां काली मंदिर में विशाल कन्या भोज का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा।
पैर पखारकर और महावर-टीका लगाकर किया कन्याओं का पूजन
आयोजन के दौरान भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का सुंदर दृश्य देखने को मिला। नगर की महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने कन्या भोज में पधारीं सभी छोटी-छोटी बालिकाओं के अत्यंत आदर और श्रद्धा भाव के साथ पैर पखारे। इसके पश्चात उन्हें महावर और रोली-अक्षत का टीका लगाकर विधिवत पूजन किया गया। सुबह 6 बजे से शुरू हुआ यह कन्या भोज निरंतर दोपहर 3 बजे तक चलता रहा। इस दौरान हजारों की संख्या में नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से आईं कन्याओं तथा श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ महाप्रसाद ग्रहण किया।
मित्रों के सहयोग से वर्षों से जारी है सेवा की परंपरा: देवेंद्र चौरसिया
कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए देवेंद्र चौरसिया (रामदेव बाबा) ने बताया कि सावरी माता मंदिर परिसर में विगत कई वर्षों से लगातार अपने सहयोगियों एवं मित्रों के विशेष सहयोग से इस प्रकार के विशाल धार्मिक आयोजन किए जाते रहे हैं। उन्होंने मां सावरी से प्रार्थना करते हुए कहा कि देवी मां की कृपा और आशीर्वाद समस्त नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं पर सदैव बना रहे।
सच्चे मन से मांगी हर मनोकामना पूरी करती हैं मां काली: पुष्पेंद्र चौरसिया
वहीं मां काली मंदिर के सेवादार पुष्पेंद्र चौरसिया ने मंदिर के धार्मिक महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह मंदिर अत्यंत प्राचीन एवं नगर की अगाध आस्था का प्रमुख केंद्र है। इस सिद्ध पीठ की महिमा का वर्णन शब्दों में कर पाना संभव नहीं है। यहाँ जो भी भक्त सच्चे और पवित्र मन से मां के दरबार में अपनी अर्जी लगाता है, मां काली उसकी सभी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर समिति द्वारा प्रतिवर्ष तीन से चार बार इसी तरह नगर स्तर पर विशाल कन्या भोज का आयोजन भव्य रूप से किया जाता है।














