नई दिल्ली। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के संयुक्त सचिव पंकज कुमार ने मंगलवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स और ऑटोमेशन भारत के वेयरहाउसिंग और कोल्ड-चेन क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। उनका मानना है कि भविष्य में ये तकनीकें केवल भंडारण और वितरण को अधिक कुशल नहीं बनाएंगी, बल्कि आपदा, युद्ध, बाढ़ या अन्य आपात परिस्थितियों में लोगों की जान बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में पंकज कुमार ने कहा कि जिस तरह एआई दुनिया भर में विभिन्न क्षेत्रों को बदल रहा है, उसी तरह वेयरहाउस और कोल्ड-चेन सेक्टर भी इसके बड़े उपयोगकर्ता बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों का उद्देश्य केवल परिचालन दक्षता बढ़ाना नहीं होना चाहिए, बल्कि देश की सप्लाई चेन को अधिक लचीला और भविष्य के संकटों के लिए तैयार बनाना भी होना चाहिए।

पंकज कुमार ने कहा, "यदि भौगोलिक, भू-राजनीतिक और आपदा संबंधी सूचनाओं को वेयरहाउसिंग नेटवर्क से जोड़ा जाए, तो एआई यह अनुमान लगाने में मदद कर सकता है कि किस क्षेत्र में किस समय किस प्रकार की वस्तुओं की आवश्यकता होगी।"

उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था यह तय करने में मदद करेगी कि किसी विशेष क्षेत्र के लिए किस सामान का भंडारण किया जाना चाहिए और किसकी आवश्यकता नहीं है। इससे आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और आपूर्ति प्रणाली अधिक प्रभावी बन सकेगी।

डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव ने आगे कहा, "बाढ़, प्राकृतिक आपदा, युद्ध या किसी बड़े संकट की स्थिति में सबसे बड़ी चुनौती जरूरी सामान और संसाधनों की समय पर उपलब्धता होती है। ऐसे समय में एआई-आधारित वेयरहाउस और सप्लाई चेन सिस्टम महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।"

उन्होंने कोविड-19 महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि उस दौरान ऑक्सीजन और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बन गई थी। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य को ध्यान में रखकर योजना बनाई जाए और एआई-आधारित प्रणालियों का उपयोग किया जाए, तो ऐसी परिस्थितियों से बेहतर तरीके से निपटा जा सकता है।

पंकज कुमार ने आगे बताया कि कोल्ड-चेन क्षेत्र में एआई का उपयोग और भी महत्वपूर्ण हो सकता है क्योंकि यहां दवाइयों, वैक्सीन, औषधीय पौधों और अन्य उच्च-मूल्य वाली वस्तुओं का भंडारण किया जाता है।

उन्होंने आईएएनएस से कहा कि कोविड काल में वैक्सीन आपूर्ति ने यह साबित किया कि मजबूत कोल्ड-चेन नेटवर्क कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। एआई और ऑटोमेशन के माध्यम से ऐसी वस्तुओं की निगरानी, भंडारण और वितरण अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

डीपीआईआईटी संयुक्त सचिव ने बताया कि रोबोटिक्स और ऑटोमेशन के जरिए वेयरहाउस प्रबंधन को काफी बेहतर बनाया जा सकता है। एआई यह पहचान सकता है कि किस रैक में कौन-सा सामान रखा है, जबकि रोबोट आवश्यक वस्तुओं को स्वतः निकालकर वितरण प्रक्रिया को तेज कर सकते हैं।

हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि पूरी व्यवस्था को केवल एआई के भरोसे नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि एआई उपयोगी है लेकिन इसके इस्तेमाल में सावधानी जरूरी है। सुरक्षा, निगरानी और मानव हस्तक्षेप हमेशा प्रणाली का हिस्सा बने रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मानवीय संवेदनशीलता, निर्णय क्षमता और सहानुभूति जैसी चीजें किसी भी तकनीक से ऊपर हैं और इन्हें पूरी तरह एआई के हवाले नहीं किया जा सकता।

पंकज कुमार ने कहा कि एआई का उपयोग उन क्षेत्रों में बढ़ाया जाना चाहिए जहां यह वास्तविक लाभ दे सकता है, लेकिन इसके साथ मजबूत नियामकीय ढांचा और सुरक्षा उपाय भी जरूरी हैं।