मुंबई। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई वेब सीरीज 'राख' काफी चर्चा में है। इसमें अभिनेता आकाश मखीजा ने एक साइकोपैथिक सीरियल किलर का किरदार निभाया है, जिसे दर्शकों ने काफी सराहा है। उन्होंने आईएएनएस को बताया कि इसे तैयार करने में उन्होंने अपने असली जीवन के कुछ अनुभवों का सहारा लिया।आईएएनएस से बात करते हुए अभिनेता आकाश मखीजा ने कहा, ''मेरे किरदार की सबसे खास बात यह है कि वह खुद को दुनिया का केंद्र मानता है। उसे लगता है कि बाकी लोग उसकी कहानी में सिर्फ छोटे-छोटे किरदार हैं। वह अपने अनुसार चीजों को काबू करना चाहता है और अगर उसे कुछ नहीं मिलता, तो वह उसे जबरदस्ती हासिल करने की सोच रखता है। यह किरदार बेहद खतरनाक मानसिकता वाला है, जिसे निभाना एक चुनौतीपूर्ण अनुभव था।''
उन्होंने कहा, ''मैंने इस किरदार को निभाते समय कभी भी उसके प्रति सहानुभूति नहीं रखी। अगर कोई कलाकार ऐसे नकारात्मक किरदार को सही तरीके से निभाना चाहता है, तो उसे किरदार के साथ भावनात्मक जुड़ाव नहीं रखना चाहिए। मैंने इसे केवल एक भूमिका के रूप में देखा और पूरी ईमानदारी से निभाने की कोशिश की, ताकि किरदार का असली प्रभाव दर्शकों तक पहुंच सके। इस तरह के किरदार निभाने के लिए मानसिक रूप से बहुत मजबूत होना जरूरी होता है, क्योंकि इसमें हिंसक पहलुओं को समझना पड़ता है। मुझे इस किरदार को समझने में ज्यादा दिक्कतें नहीं आई, क्योंकि स्क्रिप्ट में इसे बहुत स्पष्ट तरीके से लिखा गया था। जब कहानी और किरदार का लेखन मजबूत होता है, तो कलाकार को ज्यादा अनुमान लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। सब कुछ पहले से ही शब्दों में मौजूद होता है।''
इंटरव्यू के दौरान आकाश ने अपने स्कूल के दिनों को भी याद किया। उन्होंने बताया, ''मैंने एक सरकारी बॉयज स्कूल में पढ़ाई की है, जहां माहौल काफी सख्त और कभी-कभी हिंसक भी होता था। बचपन में मैंने अपने आसपास कई ऐसी घटनाएं देखीं, जिनमें बच्चों के बीच झगड़े और आक्रामक व्यवहार आम बात थी। एक बार मुझे स्कूल के दौरान कुछ लड़के एक-दूसरे को ज्योमेट्री बॉक्स के टूल्स से नुकसान पहुंचाते दिखे। उस समय इस तरह की घटनाएं सामान्य लगती थीं, लेकिन बाद में जब मैंने जिंदगी को अलग नजरिए से देखा, तब समझ आया कि वह माहौल कितना मुश्किल था।''
आकाश ने कहा, ''मैंने अपने बचपन में और भी कई ऐसी घटनाएं देखी हैं, जिन्हें मैं बताना नहीं चाहता। उस समय का माहौल काफी अलग था और कई बार बच्चों के बीच का व्यवहार बहुत आक्रामक हो जाता था। समाज में भी ऐसे लोग और परिस्थितियां मौजूद होती हैं, जिनसे ऐसे किरदारों की प्रेरणा मिलती है। वेब सीरीज और फिल्मों में दिखाए जाने वाले ऐसे किरदार पूरी तरह काल्पनिक नहीं होते, बल्कि कहीं न कहीं वास्तविक जीवन की झलक भी दिखाते हैं। इसी अनुभव ने मुझे 'राख' में अपने किरदार को ज्यादा वास्तविक और प्रभावशाली बनाने में मदद की।''

