छतरपुर। जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और नदी-नालों में आए उफान को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर मृणाल मीना ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय (निजी) स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए अवकाश घोषित कर दिया है। इसके साथ ही प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर होने के कारण आवागमन बाधित है, वहां के शिक्षकों को स्कूल आने से छूट रहेगी, जबकि शेष क्षेत्रों में सभी शिक्षक नियमित रूप से विद्यालयों में उपस्थित रहेंगे।


जिले में अब तक 28 इंच औसत बारिश, कोटे का 66 प्रतिशत पानी बरसा

भू-अभिलेख विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, छतरपुर जिले में 1 जून से 27 अगस्त तक कुल 5681.6 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जिसका औसत 710.2 मिमी (करीब 28 इंच) बैठता है। जिले की सामान्य औसत वार्षिक वर्षा 1074.9 मिमी के मुकाबले अब तक लगभग 66 प्रतिशत वर्षा पूरी हो चुकी है। 27 अगस्त को ही जिले में कुल 220.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिससे कई निचले इलाकों और रपटों पर पानी भर गया।


गौरिहार और बड़ामलहरा में सर्वाधिक बारिश दर्ज

जिले के अलग-अलग वर्षामापी केंद्रों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक बारिश गौरिहार क्षेत्र में 951.4 मिमी दर्ज की गई है। वहीं बड़ामलहरा 949.2 मिमी के साथ दूसरे और लवकुशनगर 824 मिमी वर्षा के साथ तीसरे स्थान पर है। 27 अगस्त को हुई बारिश में सर्वाधिक 49 मिमी वर्षा बड़ामलहरा ब्लॉक में दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश से जलस्रोत लबालब हो चुके हैं और प्रशासन ने आमजन से उफनते नदी-नालों और रपटों को पार न करने की सख्त अपील की है।