नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को हाल ही में संपन्न विधान परिषद चुनावों में एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) की जीत और कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन पर निशाना साधा।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि कांग्रेस ने 28 में से कितनी सीटें जीती... "शून्य," बैलेट बॉक्स इस्तीफा दो...।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक, इन चार बड़े राज्यों की 28 सीटों पर एमएलसी चुनाव हुए। चुनाव मतपत्रों के माध्यम से हुए। अनुमान लगाइए कि कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं?
प्रधानमंत्री मोदी का यह तंज विपक्ष की उस मांग को लेकर है, जिसमें वो ईवीएम में धांधली और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग करता है।
इसको लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री मोदी की बात का सर्मथन किया है।
सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री मंत्री की पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिल्कुल सटीक बात कही है चार प्रमुख राज्यों—उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक (जहां कांग्रेस का शासन है)—की 28 एमएलसी सीटों पर कांग्रेस पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली: एक भी सीट नहीं। और सबसे बड़ा मजाक तो यही है: ये चुनाव ईवीएम के बजाय कागज के मतपत्रों से कराए गए!
उन्होंने कहा कि सालों से, जब भी मतदाताओं ने कांग्रेस को सिरे से नकारा है, तो उनकी हमेशा की तरह बहाने बनाने की आदत फिर से सक्रिय हो जाती है और वे ईवीएम को दोष देते हैं, बेबुनियाद साजिशों को हवा देते हैं और हमारे लोकतांत्रिक संस्थानों को बदनाम करते हैं। अब जब मतदान कागज के मतपत्रों से हुआ और फिर भी उन्हें एक भी सीट नहीं मिली, तो ईवीएम विरोधी झूठा नारा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और इतिहास के कूड़ेदान में चला गया।
इस बार राहुल गांधी और उनके साथी किसे दोष देंगे? मतपत्र की स्याही को?
मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाताओं का संदेश स्पष्ट है: भारत की जनता ने कांग्रेस और उसके नेतृत्व को पूरी तरह से नकार दिया है। कांग्रेस, भारतीय गठबंधन और तिलचट्टों द्वारा पैदा की गई अराजकता और अव्यवस्था भी एनडीए की संभावनाओं को नुकसान नहीं पहुंचा सकी।
















