लखनऊ। हरियाणवी गायक और अभिनेता अंकित बालियान की हत्या के मामले में दो मुख्य शूटर्स के एनकाउंटर के बाद उत्तर प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश सरकार के मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को कानून-व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस की नीति से जोड़ते हुए विपक्ष पर निशाना साधा है। वहीं, एनकाउंटर को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भाजपा नेताओं ने कहा कि हर पुलिस एनकाउंटर की मजिस्ट्रेट जांच का प्रावधान पहले से मौजूद है।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि राज्य और देश में कानून का राज है और कोई भी अपराधी अपराध करने के बाद बच नहीं सकता।
उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर अंकित बालियान हत्याकांड को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया। राजभर ने कहा कि पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है, यह सामने आ चुका है और अब अखिलेश यादव को इस पर जवाब देना चाहिए।
राजभर ने इसी दौरान जमीयत उलेमा-ए-हिंद के नेता मौलाना अरशद मदनी को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि मदनी ऐसे राजनीतिक दलों और लोगों के साथ जुड़ते हैं जो नफरत की राजनीति करते हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और टीएमसी का नाम लेते हुए कहा कि ये दल मुसलमानों के बीच नफरत की बात करते हैं।
अंकित बालियान हत्याकांड पर यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद ने भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है। किसी अपराध की जांच में समय लग सकता है लेकिन सरकार की प्राथमिकता यह है कि अन्याय का सामना करने वाले व्यक्ति को जल्द से जल्द न्याय मिले।
दो मुख्य शूटर्स के एनकाउंटर पर निषाद ने कहा कि सरकार अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने समाजवादी पार्टी के पुराने शासन की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि उस दौर में पुलिस कार्रवाई के नाम पर लोगों पर गोलियां चलाई जाती थीं।
भाजपा सांसद बृज लाल ने भी एनकाउंटर का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अंकित बालियान एक उभरते कलाकार थे और उनकी बेरहमी से हत्या की गई थी। बृज लाल ने उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि दोनों मुख्य शूटर मारे जा चुके हैं।
एनकाउंटर की जांच की मांग को लेकर बृज लाल ने कहा कि प्रत्येक पुलिस एनकाउंटर की मजिस्ट्रेट जांच लंबे समय से होती आ रही है। उन्होंने विपक्ष पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब अंकित बालियान की हत्या हुई थी, तब इस मामले को जाति और राजनीतिक दलों से जोड़कर मुद्दा बनाया गया लेकिन अब अपराधियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं।




