टीकमगढ़/खरगापुर, सोनू विश्वकर्मा। कुड़ीला थाना क्षेत्र के चिनगुवा रेलवे पुल के पास 23 और 24 अगस्त की दरमियानी रात अम्बेडकर नगर एक्सप्रेस की चपेट में आने से करीब 25 से 30 गोवंशों की मौत के मामले में आखिरकार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 8 से 10 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। घटना के बाद कई दिनों तक कार्रवाई नहीं होने पर स्थानीय पत्रकारों, बजरंग दल कार्यकर्ताओं और गोसेवकों ने विरोध दर्ज कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
घटना को लेकर पत्रकारों ने मामले को प्रमुखता से उठाया, वहीं गोसेवकों और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। बढ़ते जनआक्रोश के बाद कुड़ीला थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्रामीणों और गोसेवकों का आरोप है कि कोटरा गांव के कुछ लोगों ने कथित तौर पर सुनियोजित तरीके से गोवंशों को रेलवे ट्रैक की ओर हांका था, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी व्यक्ति की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, घटना के बाद स्थानीय सूचना तंत्र और पुलिस की गश्त व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़ी संख्या में गोवंशों की मौत के बावजूद समय रहते संबंधित विभागों और पुलिस को सूचना क्यों नहीं मिल सकी।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने कोटरा गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में जांच तेज कर दी है। संदिग्धों की पहचान और तलाश की जा रही है। गोसेवकों और ग्रामीणों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों को चिन्हित करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।




