गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिला अस्पताल में मरीजों के स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला और चिंताजनक मामला सामने आया है। बुधवार सुबह अस्पताल परिसर में स्थित शिव मंदिर के पास लगे नल से भरी गई पानी की बोतल में कथित रूप से एक सांप का बच्चा (छोटा सर्प) तैरता हुआ दिखाई दिया। जैसे ही मरीज को पानी पिलाने के दौरान परिजनों की नजर बोतल के भीतर मौजूद इस जीव पर पड़ी, वार्ड में मौजूद मरीजों और उनके तीमारदारों में हड़कंप और दहशत का माहौल बन गया।
मरीज को पानी पिलाने के दौरान नजर आया जीव, वीडियो वायरल
जानकारी के अनुसार, ग्राम छीरखेड़ा निवासी देवेंद्र धाकड़ के परिजन जिला अस्पताल के वार्ड में उपचाराधीन हैं। बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे उनके अटेंडर ने अस्पताल परिसर में शिव मंदिर के पास लगे सार्वजनिक नल से पानी भरकर बोतल वार्ड में पहुंचाई थी। जब वे मरीज को पीने के लिए पानी देने लगे, तभी पारदर्शी बोतल के अंदर रेंगता हुआ सांप का बच्चा नजर आया। घटना के वक्त वार्ड में मौजूद फतेहगढ़ निवासी सुंदर सेन ने तुरंत इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसके बाद अस्पताल में मौजूद अन्य लोगों को सूचना दी गई, जिससे मरीजों में भारी आक्रोश फैल गया।
महीनों से नहीं हुई टंकियों की सफाई, उगी घास और जमी काई
इस घटना के सामने आने के बाद जिला अस्पताल परिसर में पेयजल आपूर्ति और साफ-सफाई की बदहाल स्थिति की पोल खुल गई है। अस्पताल परिसर की छतों पर रखी पानी की टंकियों की महीनों से नियमित सफाई नहीं कराई गई है। कई टंकियों के अंदर भारी मात्रा में काई और गंदगी जमा है, जबकि कुछ जर्जर टंकियों के ढक्कन खुले हैं और उनके ऊपर घास-झाड़ियां तक उग आई हैं। इसके अलावा परिसर में लगे वाटर कूलरों का रखरखाव भी लंबे समय से ठप पड़ा हुआ है। परिजनों का आरोप है कि टंकियों के खुले रहने और नियमित ब्लीचिंग व सफाई न होने के कारण जहरीले जीव-जंतु और कीड़े-मकौड़े सीधे पाइपलाइन के रास्ते नलों तक पहुंच रहे हैं।
मरीजों की सेहत से खिलवाड़, निष्पक्ष जांच की मांग
जिला अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में जहां सैकड़ों गंभीर मरीज भर्ती रहते हैं, वहां दूषित और असुरक्षित पेयजल की आपूर्ति को लेकर लोगों ने भारी रोष व्यक्त किया है। हालांकि, बोतल में दिखा जीव वास्तव में सांप का बच्चा ही था और वह सीधे पाइपलाइन से ही आया था, इसकी आधिकारिक पुष्टि के लिए प्रशासनिक जांच की आवश्यकता है। परिजनों और आम नागरिकों ने अस्पताल प्रबंधन से तुरंत सभी पानी की टंकियों की सफाई, क्लोरीनेशन और पेयजल स्रोतों की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।




