निशियो। भारत की स्टार बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने सोमवार को निशियो जिम्नेजियम में कोरिया की सियोंग सुयोन के खिलाफ महिलाओं के 75 किग्रा क्वार्टर फाइनल मुकाबले में 5-0 से शानदार जीत हासिल कर एशियन गेम्स 2026 में अपना मेडल पक्का कर लिया है।लवलीना ने इस जीत के साथ ही सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली है। पिछले एशियन गेम्स की सिल्वर मेडलिस्ट बोरगोहेन ने इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपना दूसरा एशियन गेम्स मेडल पक्का कर लिया है। दोनों ही खिलाड़ियों ने मुकाबले की शुरुआत डिफेंसिव अंदाज में की, लेकिन भारतीय बॉक्सर ने कुछ सटीक पंच लगाकर पहला राउंड 5-0 से अपने नाम किया। बोरगोहेन ने अपनी लंबे कद का फायदा उठाया और कुछ काउंटर पंच व जैब लगाकर दूसरा राउंड भी जीत लिया।
भारतीय बॉक्सर ने आखिरी राउंड में भी अपनी लय बनाए रखी और एशियन गेम्स 2010 की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट पर जबरदस्त प्रहार किए। इसके बाद तीसरा राउंड भी 5-0 से जीतकर उन्होंने मुकाबला अपने नाम किया। सभी जजों ने उनके पक्ष में 30-27 का स्कोर दिया। मौजूदा एशियन गेम्स में यह ऐसा चौथा मेडल है, जो भारत को मुक्केबाजी में मिलना पक्का हो गया है। नरेंद्र बेरवाल ने पुरुषों के +90 किग्रा कैटेगरी के क्वार्टर फाइनल में अथापोंग सेंगटेप को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाते हुए देश के लिए तीसरा मेडल पक्का किया था।
इससे पहले, अंकुश पांघल और परवीन हुड्डा भी अपनी-अपनी कैटेगरी में मेडल पक्का कर चुके हैं। मौजूदा कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन अंकुश ने पुरुषों के 80 किग्रा क्वार्टर फाइनल में ताजिकिस्तान के नेक्रुज सलिमोव को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया था। वहीं, परवीन ने महिलाओं के 65 किग्रा कैटेगरी के क्वार्टर फाइनल में उज्बेकिस्तान की नवबखोर खमिदोवा को 5-0 से हराकर मेडल पक्का किया है।
भारतीय खिलाड़ी ने सोच-समझकर खेलते हुए मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी। उन्होंने अपनी पहुंच और स्पीड का इस्तेमाल करके खमिदोवा को दूर रखा और सही मौके पर पंच मारे। वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 की सिल्वर मेडलिस्ट उज्बेकिस्तान की खिलाड़ी को अपनी छाप छोड़ने में संघर्ष करना पड़ा, जबकि परवीन ने तेज कॉम्बिनेशन और काउंटर-अटैक के दम पर सभी पांच जजों के स्कोरकार्ड पर मुकाबला अपने नाम किया था।












