नई दिल्ली। भारत की महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में शनिवार को ईरान के खिलाफ 37-34 से जीत हासिल करते हुए 'गोल्ड मेडल' अपने नाम किया। सोनाली विष्णु शिंगटे को इस मेडल के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा है, क्योंकि पिछले एशियन गेम्स में वह चोटिल होने के कारण हिस्सा नहीं ले सकी थीं।

सोनाली विष्णु शिंगटे ने आईएएनएस को बताया, "ये हमारे लिए बहुत गर्व की बात है, क्योंकि हमने भारत की मेडल टैली में गोल्ड जोड़ा है। हम सभी यही सोचते हैं कि जब भी देश का प्रतिनिधित्व करें, तो गोल्ड ही लेकर आएं। आखिरकार, यह गोल्ड मेडल आज हमारे गले में है। यह बहुत खुशी की बात है।"

उन्होंने कहा, "एशियन गेम्स में गोल्ड जीतना हमारा लक्ष्य था। मैंने इतने साल खेला है। 2018 में हमने सिल्वर जीता था, लेकिन 2023 में चोटिल हो गई थी। मुझे पहले से ही लग रहा था कि इस बार हमारा गोल्ड मेडल आएगा। मैं इस मेडल को अपने परिवार को समर्पित करना चाहूंगी। मेरी मम्मी, भाई है और भाभी ने बहुत सपोर्ट किया है। वो मुझे हमेशा कहते हैं कि मैं बस अपनी प्रैक्टिस पर ध्यान दूं। आराम करूं और बाकी चीजों पर ध्यान न दूं।"

"साल 2019 के सैफ गेम्स में हमारा अंतरराष्ट्रीय टूर हुआ नहीं था। एशियन गेम्स 2022 में होने थे, लेकिन वो भी साल 2023 में हुए। साल 2019 से लेके 2023 तक कोई इंटरनेशनल इवेंट हुआ नहीं। 2023 में एशियन गेम्स हुआ लेकिन 10 दिन पहले मुझे इंजरी हो गई थी। मुझे सर्जरी करवानी पड़ी और टीम से बाहर जाना पड़ा। सर्जरी के बाद मैंने सर्जरी करवाई, रिहैब किया और रिकवर करके वापिस खेलना शुरू किया। मैंने लंबे समय तक मेडल के लिए इंतजार किया है। इसके लिए मैंने बहुत मेहनत भी की है।"

सोनाली ने सरकार और फेडरेशन से मिल रहे सपोर्ट को लेकर कहा, "सरकार ने काफी सपोर्ट किया है। हमारी फेडरेशन, एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया ने बहुत मदद की है। उन्होंने हमारे कैंप लगवाए। वहां पर हमें बहुत अच्छी ट्रेनिंग दी गई। हमें सप्लीमेंट, फूड, वर्कआउट, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग हो या फिटनेस के बारे में बताया गया।

सोनाली चाहती हैं कि पुरुषों की प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) की तरह महिलाओं के लिए भी इस लीग का आयोजन हो। उन्होंने कहा, मुझे लगता है पुरुषों की प्रो कबड्डी लीग की तरह महिलाओं के लिए भी इस प्रतियोगिता का आयोजन होना चाहिए।"