इंदौर, रविकांत वर्मा। इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में एक गंभीर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस विभाग से रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर गोविंद सिंह तंवर के साथ सरकारी लोन दिलाने के नाम पर करीब 40 लाख रुपये की ठगी हुई है। आरोपी सरताज अहमद ने पीड़ित के बेटे के कारोबार के लिए 50 लाख रुपये का सरकारी लोन पास कराने का भरोसा दिलाया और प्रक्रिया के नाम पर किस्तों में यह रकम ऐंठ ली। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। अब पूछताछ चल रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को ऐसे झांसे में फंसाया है।
राजेंद्र नगर पुलिस ने फरियादी गोविंद सिंह तंवर की शिकायत पर यह कार्रवाई की है। गोविंद सिंह तंवर पुलिस विभाग से रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर हैं। उन्होंने बताया कि करीब आठ साल पहले उनकी पहचान सरताज अहमद से हुई थी। सरताज ने खुद को सरकारी लोन दिलाने वाला एजेंट बताया और दावा किया कि वह कई लोगों को लोन दिलवा चुका है। अप्रैल 2018 में जब गोविंद सिंह के बेटे को व्यापार के लिए रकम की जरूरत पड़ी तो उन्होंने सरताज से संपर्क किया। आरोपी ने गोविंद सिंह और उनके बेटे के नाम पर 50 लाख रुपये के दो सरकारी लोन पास कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद उसने फरियादी से सभी जरूरी दस्तावेज ले लिए और अलग-अलग प्रक्रिया व प्रोसेसिंग के बहाने किस्तों में कुल करीब 40 लाख रुपये अपने पास जमा करवा लिए।
लंबा समय बीत जाने के बाद भी जब लोन पास नहीं हुआ तो पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे। इस पर आरोपी ने कोरोना काल, बैंकों में लोन प्रक्रिया ठप होने और आर्थिक मंदी का बहाना बनाकर मामला टालता रहा। आखिरकार परेशान होकर रिटायर्ड एसआई गोविंद सिंह तंवर ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में शिकायत सही पाए जाने पर आरोपी सरताज अहमद के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब उसकी पूछताछ कर रही है कि लोन दिलाने के नाम पर उसने अब तक कितने लोगों के साथ ऐसी ठगी की है।











