नई दिल्ली। फ्लाईदुबई फ्लाइट एफजेड1073 में कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके को-पायलट द्वारा विमान को क्रैश करने की कोशिश में हमला किए जाने के कुछ दिनों बाद ऑस्ट्रेलिया ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि को-पायलट ने दो साल तक ऑस्ट्रेलिया में एक छात्र के रूप में समय बिताया था।भारतीय कैप्टन मच्छर ने बुरी तरह घायल होने और कॉकपिट क्रैश एक्स (कुल्हाड़ी) से हमला झेलने के बावजूद तेल अवीव जा रही फ्लाइट में सवार 170 लोगों की जान बचाई।

ब्रिटेन के अखबार द गार्जियन ने मामले से परिचित एक सूत्र के हवाले से बताया कि को-पायलट की पहचान ओमान के 29 वर्षीय हमाम अल-हम्मामी के रूप में हुई है, जिसे 2014 में ऑस्ट्रेलियाई छात्र वीजा दिया गया था, और वह अगले साल यूनिवर्सिटी कोर्स शुरू करने के लिए देश में आया था।

सूत्र ने बताया कि 2017 में देश छोड़ने के बाद 2019 में उसका वीजा रद्द कर दिया गया था। अधिकारियों ने पुष्टि की कि वह अब कोर्स में नामांकित नहीं था।

कई मीडिया आउटलेट्स ने उसकी अब डिलीट की जा चुकी लिंक्डइन प्रोफाइल के हवाले से बताया कि अल-हम्मामी ने ऑस्ट्रेलिया की एक यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।

हालांकि, यह तुरंत पता नहीं चल पाया कि उसने किस यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की थी। संयुक्त अरब अमीरात, जो जांच का नेतृत्व कर रहा है, ने फ्लाइट के अंदर हुई इस हाथापाई को आतंकी हमला करार दिया है।

इस बीच, फ्लाईदुबई फ्लाइट के क्रू की कथित तौर पर इजरायली यात्रियों के साथ झड़प भी हुई, जब उन्होंने कुल्हाड़ी से हमला करने वाले को-पायलट को काबू किया था, जिसने कैप्टन मच्छार पर हमला किया था।

हालांकि, एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यात्रियों ने केबिन क्रू की मांग के बावजूद अपहरणकर्ता को छोड़ने से इनकार कर दिया।

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, को-पायलट को काबू करने में मदद करने वाले दो इजरायली यात्रियों ने कहा कि क्रू के सदस्यों ने उनसे बार-बार हमलावर को छोड़ने के लिए कहा, जिससे यात्रियों को क्रू की मंशा पर शक होने लगा।

कथित हाईजैकर को काबू करने वाले तीन यात्रियों में से एक, बैंकिंग एक्जीक्यूटिव त्ज्विका मानेस ने न्यूयॉर्क पोस्ट से बातचीत में कहा, "क्रू हमसे बार-बार कह रहा था कि आतंकी को खोल दो, हमें समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर क्यों।"

दूसरी पंक्ति में कॉकपिट के पास बैठे रियल एस्टेट पेशेवर डैनियल श्लिचटर ने भी क्रू के साथ हुई तीखी बहस को याद किया।

श्लिचटर ने द पोस्ट को बताया, "वे आतंकवादी को आजाद करने के लिए कह रहे थे- हमें तुरंत उन पर शक हो गया।"

यह असहमति बहस में बदल गई, जिसमें इजरायली यात्रियों ने स्पष्ट कर दिया कि वे किसी भी परिस्थिति में सह-पायलट को नहीं छोड़ेंगे। इजरायली न्यूज चैनल आई24न्यूज द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में अल-हम्मामी को विमान के अंदर घुटनों के बल बैठे हुए दिखाया गया, जिसके हाथ पीछे बंधे हुए थे। उसके कपड़ों पर खून के धब्बे दिखाई दे रहे थे।

45 सेकंड के इस वीडियो में यात्रियों को बार-बार सिर्फ पुलिस और केवल पुलिस कहते हुए सुना जा सकता है, जो दर्शाता है कि उनका इरादा बंधे हुए को-पायलट को नुकसान पहुंचाने के बजाय उसे कानून प्रवर्तन अधिकारियों को सौंपने का था।