तिरुपति, रोहित पाठक। दक्षिण भारत के पवित्र तीर्थस्थल तिरुपति बालाजी में आयोजित तीन दिवसीय ऊर्जा संचय समागम के दौरान बागेश्वर सरकार ने प्रसिद्ध कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर के पुत्र एवं युवा कथा व्यास देवांश को सोशल मीडिया पर ट्रोल किए जाने के मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी डॉक्टर का बेटा डॉक्टर, किसान का बेटा किसान, पुलिसकर्मी का बेटा पुलिसकर्मी, नेता का बेटा नेता और अभिनेता का बेटा अभिनेता बन सकता है, तो कथा वाचक का पुत्र कथा वाचक बने, इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
आशीर्वचन के दौरान उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि हिंदू ही हिंदुओं का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वृंदावन के प्रसिद्ध कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर के बड़े पुत्र देवांश ने कथा वाचन प्रारंभ किया है और उनकी वाणी की सराहना भी हो रही है, लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ लोग उनका उपहास उड़ाते हुए मीम्स और टिप्पणियां कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
बागेश्वर सरकार ने कहा कि यदि किसी को किसी कथा वाचक की शैली पसंद नहीं है तो वह उसकी कथा सुनने न जाए, लेकिन सनातन परंपरा, संतों और कथा वाचकों का सार्वजनिक उपहास नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने ही संतों, मंदिरों और मठों पर लगातार आक्षेप करना अंततः सनातन समाज को कमजोर करता है।
उन्होंने हिंदू समाज से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहने और संतों का सम्मान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अन्य समुदाय अपने धर्मगुरुओं का उपहास नहीं उड़ाते, इसलिए हिंदुओं को भी अपने संतों और धार्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान का भाव रखना चाहिए।
अपने संबोधन के अंत में बागेश्वर सरकार ने हिंदू एकता का संदेश देते हुए कहा, "जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई। हम सब एक परमपिता परमात्मा की संतान हैं।" उन्होंने कहा कि जब हिंदू समाज संगठित होगा, तभी सनातन परंपरा और राष्ट्र दोनों सशक्त होंगे।




