दतिया। दतिया पुलिस ने बीती रात राष्ट्रीय राजमार्ग 44 (NH-44) पर हुए उग्र प्रदर्शन, चक्काजाम और पुलिस टीम पर किए गए जानलेवा पथराव के मामले में सख्त कानूनी रुख अपनाते हुए एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। कोतवाली थाने में कार्यवाहक निरीक्षक दिनेश सिंह राजपूत की शिकायत पर करीब 200 से अधिक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लोक व्यवस्था भंग करने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने का मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
धारा 163 के उल्लंघन पर कार्रवाई:
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात लगभग 9:00 बजे विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण से नाराज होकर भारी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने भाजपा कार्यालय के सामने हाइवे पर चक्काजाम कर दिया था। उस समय जिला दंडाधिकारी दतिया द्वारा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत जारी प्रतिबंधात्मक आदेश (आदेश क्रमांक 288/2026) प्रभावी था। इस प्रशासनिक आदेश का जानबूझकर उल्लंघन करते हुए यातायात बाधित किया गया और लोक व्यवस्था भंग करने का प्रयास किया गया।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मुकदमा:
कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 191(3), 190, 132, 221, 121(1), 125, 125(2), 324(5), 324(6), 223 और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3 के तहत मामला पंजीबद्ध किया है।
नामजद व अज्ञात आरोपियों की तलाश:
पुलिस ने एफआईआर में अक्कू दुबे, राजू गुगोरिया, अनूप यादव, विपिन पाठक सहित 27 से अधिक स्थानीय कार्यकर्ताओं को नामजद किया है तथा करीब 200 अज्ञात कार्यकर्ताओं को आरोपी बनाया है। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर जल्द ही गिरफ्तारियां की जाएंगी।




