भोपाल। प्रदेश के अतिथि शिक्षकों की री-जॉइनिंग में 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस से राहत देने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने अब इनके अवकाश को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत 90 हजार अतिथि शिक्षकों को आकस्मिक अवकाश की सुविधा मिलेगी। हर अतिथि शिक्षक को अब साल भर में दस सीएल यानी आकस्मिक अवकाश मिलेंगे। अब तक एक भी अवकाश अतिथि शिक्षकों को नहीं मिलते थे। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा है कि विभाग जल्दी ही इसके आदेश जारी करेगा।
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा के बाद प्रदेश के अतिथि शिक्षकों के हित में स्कूल शिक्षा विभाग का एक और महत्वपूर्ण निर्णय हुआ है। सिंह के अनुसार, अतिथि शिक्षकों को उनकी कार्य-सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने सत्र के दौरान कुल 10 आकस्मिक अवकाश (CL) प्रदान करने का निर्णय लिया है। अतिथि शिक्षकों को कार्यभार ग्रहण करते ही 1 दिवस की CL पात्रता होगी। साथ ही हर 30 दिवस का कार्य पूर्ण होने पर 1 अतिरिक्त CL अर्जित होगी। अतिथि शिक्षक सत्र के दौरान उपलब्ध अवकाश में से एक बार में अधिकतम 3 CL ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग प्रदेश के शिक्षकों के हितों की रक्षा और उनके कार्य परिवेश को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी करने के लिए विभाग को निर्देशित किया गया है।
शुक्रवार को री-जॉइनिंग में 90 प्रतिशत अटेंडेंस की बाध्यता से छूट दी थी
इसके पहले शुक्रवार को जारी आदेश में स्कूलों में पढ़ाने वाले प्रदेश के पांच हजार ऐसे शिक्षकों के हित में लोक शिक्षण आयुक्त ने फैसला लिया था कि जिनकी ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत नहीं होने के कारण इस शिक्षा सत्र में विद्यालय में री-जॉइन नहीं हो पा रही थी, ऐसे शिक्षकों को री-जॉइन के लिए 90 प्रतिशत अटेंडेंस से छूट दी जाएगी। इसके बाद अब शिक्षक विद्यालयों में री-जॉइन कर सकेंगे, लेकिन इसके बाद उन्हें लगातार ई-अटेंडेंस लगानी ही होगी।
इस आदेश में लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने सभी संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी और संकुल प्राचार्य, हायर सेकेंडरी व हाई स्कूल को दिए निर्देश में कहा है कि 30 जून 2026 को जारी आदेश में री-जॉइनिंग के लिए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस अनिवार्य की गई थी। इसके बाद पिछले दिनों अतिथि शिक्षकों के संगठन ने आयुक्त से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई और इसमें राहत के लिए आवेदन दिया। इसके बाद आयुक्त अभिषेक सिंह ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि चालू शिक्षा सत्र के लिए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता में री-जॉइनिंग के लिए शिथिलता दी जाती है। री-जॉइन के बाद अतिथि शिक्षकों को यह वचन-पत्र लिखित में देना होगा कि भविष्य में इससे राहत नहीं दी जाएगी और वे ई-अटेंडेंस अनिवार्य रूप से लगाएंगे।
अतिथि शिक्षकों के संगठन के साथ बैठक के बाद नरम हुआ विभाग
अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार के नेतृत्व में पिछले दिनों लोक शिक्षण आयुक्त के साथ बैठक हुई थी। इसमें बताया गया था कि पूरे सत्र के दौरान अतिथि शिक्षकों को कोई अवकाश नहीं मिलता है। साथ ही गंभीर बीमारी से पीड़ित, मातृत्व अवकाश, परिवार में आकस्मिक मृत्यु, नेटवर्क की अनुपलब्धता, तकनीकी कारण, किसी प्रतियोगी शैक्षणिक परीक्षा या स्वयं की शादी के कारण जिनकी 90 प्रतिशत से कम उपस्थिति है, उन्हें मानवीयता के आधार पर रियायत देने की मांग की गई थी। इसके बाद आयुक्त ने पहले री-जॉइनिंग और फिर सीएल अवकाश की राहत दी है।




