छतरपुर, संदीप यादव। ग्राम पंचायत बेंडरी तहसील सटई में शासकीय पहाड़ी पर बिना किसी शासकीय स्वीकृति और मंजूरी के किए जा रहे अवैध उत्खनन को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। मंगलवार को समस्त ग्रामवासियों ने छतरपुर कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपकर अवैध उत्खनन को तत्काल रोकने तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।


कलेक्टर को दिए गए आवेदन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम बेंडरी स्थित मध्य प्रदेश शासन की शासकीय जमीन पर स्थित पहाड़ी से वर्तमान जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र सिंह परमार कुटिया (पूर्व मण्डल अध्यक्ष, भाजपा सटई) द्वारा बिना किसी अनुमति एवं मंजूरी के एलएनटी व डम्फर लगाकर अवैध रूप से खनन कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्य शासन की गाइडलाइन के विपरीत है, जिससे सरकार को भारी राजस्व की हानि हो रही है। इस अवैध उत्खनन की सामग्री को पन्ना हाईवे पर एनएच द्वारा बनाए जा रहे ब्रिज में खपाया जा रहा है।


रास्ते व पुल क्षतिग्रस्त, आवागमन प्रभावित


आवेदन में उल्लेख किया गया है कि अवैध खनन व भारी वाहनों की आवाजाही के कारण एनएच-39 गंज मुख्य मार्ग से ग्राम बेंडरी से जुड़े कुटीया, पारवा आदि स्थानों से होकर सटई जाने वाला मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके अलावा, मार्गों को जोडऩे वाली मुख्य नदी पर बना पुल भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। रास्तों के खराब होने से ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


पूर्व में शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई


ग्रामीणों का कहना है कि इससे पूर्व भी 09 सितंबर 2025 को संबंधित विभाग में इस संबंध में आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं, सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी, परंतु वहां से भी कोई उचित समाधान नहीं निकल सका।


वैधानिक कार्रवाई और क्षतिपूर्ति की मांग


ग्राम पंचायत बेंडरी जनपद पंचायत राजनगर के समस्त ग्रामवासियों ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए अवैध उत्खनन को तुरंत रुकवाया जाए, दोषियों के खिलाफ वैधानिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाए तथा क्षतिग्रस्त हुई सड़क व पुल की भरपाई कराई जाए।