ओरछा/निवाड़ी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को बुंदेलखंड की पावन नगरी ओरछा पहुंचकर ऐतिहासिक एवं आस्था के प्रमुख केंद्र 'श्री राम राजा लोक' के निर्माणाधीन कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता किए बिना इसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।


महाकाल महालोक की तर्ज पर प्रमुख तीर्थस्थलों का कायाकल्प

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन में 'श्री महाकाल महालोक' के निर्माण के बाद वहां की अर्थव्यवस्था में बड़ा उछाल आया है और देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। इसी सफल मॉडल के आधार पर मध्य प्रदेश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों का समग्र विकास किया जा रहा है। इससे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार व व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे।


भगवान राम की तपोभूमि और बुंदेली वैभव का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम ने अपने 14 वर्षों के वनवास काल में से 12 वर्ष चित्रकूट की पावन धरा पर व्यतीत किए थे। राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि इस गौरवशाली धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों से जोड़ा जाए। इसी कड़ी में ओरछा में भव्य 'श्री राम राजा लोक' का निर्माण कराया जा रहा है, जो आने वाले समय में विश्वभर के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बनेगा।


पारंपरिक सामग्री से मूल स्वरूप में होगा ऐतिहासिक इमारतों का पुनर्निर्माण

बुंदेला राजाओं की ऐतिहासिक राजधानी रहे ओरछा के वैभव की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के प्राचीन भवन और स्मारक हमारी समृद्ध बुंदेली विरासत के प्रतीक हैं। इन धरोहरों को जीवंत बनाए रखने के लिए इनके पुनर्निर्माण में उसी पारंपरिक सामग्री और तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे ये मूल रूप से निर्मित हुई थीं। इसके लिए कुशल कारीगरों की सेवाएं ली जा रही हैं, ताकि स्मारकों का मूल पुरातात्विक स्वरूप पूरी तरह सुरक्षित और अक्षुण्ण रहे।