नई दिल्ली। दीपावली पर उम्मीद है कि खरीद और अन्य सेवाओं के जरिये देशभर में लगभग 5 लाख करोड़ रुपये का कारोबार होगा। वहीं पिछले 1 महीने से धरने-प्रदर्शनों और रैलियों से जूझ रहे दिल्ली के व्यापारियों को दीपावली की खरीदारी से 80,000 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है।सीटीआई (व्यापार और उद्योग मंडल) अध्यक्ष बृजेश गोयल ने कहा कि एक अनुमान के अनुसार, दीपावली उत्सव के कारोबार में देशभर में 5 लाख करोड़ रुपए का कारोबार दर्ज करने की उम्मीद है।
ऑटोमोबाइल क्षेत्र के शीर्ष संगठन द्वारा हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, ऑटोमोबाइल की कुल खुदरा बिक्री में 55 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई है। वाहनों की सभी श्रेणियों में टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, वाणिज्यिक वाहन, निजी वाहन और ट्रैक्टरों में क्रमशः 52, 110, 48, 70 और 58 प्रतिशत की अत्यधिक उच्च वृद्धि हुई है। ये आंकड़े दीपावली उत्सव के दौरान अपेक्षित मजबूत कारोबार दिखाते हैं।
एक अनुमान के अनुसार, दीपावली त्योहार की अवधि के दौरान छोटे से लेकर उच्च श्रेणी तक के सभी प्रकार की वस्तुओं के लगभग 5 करोड़ उपहारों का आदान-प्रदान किया जाता है, जो दीपावली उत्सव की बिक्री में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
सीटीआई ने होटल एवं बैंक्वेट एसोसिएशन्स, रेस्टोरेंट एवं मॉल एसोसिएशन्स, सिनेमा एसोसिएशन्स, शॉपिंग सेंटर एसोसिएशन, कार डीलर्स एसोसिएशन्स, मेकअप एवं सैलून एसोसिएशन्स, टूर एवं ट्रेवल एसोसिएशन, मार्केट एसोसिएशन्स, इंडस्ट्री एसोसिएशन्स आदि से बात करके यह निष्कर्ष निकाला है कि इस फेस्टिवल सीजन में देशभर में लगभग 5 लाख करोड़ रुपये का व्यापार हो सकता है।
सीटीआई ने बयान जारी करके कहा कि महत्वपूर्ण रूप से इस वर्ष दिवाली में भारतीय उत्पादों की बिक्री एवं खरीद पर ही ज्यादा जोर है। जीएसटी रिफॉर्म से भारत के उत्पादों को पहचान मिली है।
भारत में निर्मित उत्पादों, विशेष रूप से घर की सजावट के सामान, दीपावली पूजा के सामान, जिनमें मिट्टी के दीये, देव प्रतिमाएं, दीवार पर लटकने वाले हस्तशिल्प के सामान, शुभ-लाभ, ॐ जैसे पारंपरिक सौभाग्य के प्रतीक, देवी लक्ष्मी एवं श्री गणेश जी की पूजा का सामान, घर की सजावट का सामान शामिल हैं, से स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और कुशल कलाकारों द्वारा बनाई गई वस्तुओं को देशभर के बाजारों में बड़ा कारोबार मिलेगा।
इसके अलावा एफएमसीजी सामान, उपभोक्ता वस्तुएं, खिलौने, इलेक्ट्रॉनिक्स, बिजली उपकरण और सामान, रसोई के सामान और अन्य उपकरण, उपहार की वस्तुएं, व्यक्तिगत उपभोग्य वस्तुएं, मिष्ठान्न-नमकीन, होम फर्निशिंग, कपड़ा, रेडीमेड वस्त्र, फैशन परिधान, टेपेस्ट्री, बर्तन, बिल्डर्स हार्डवेयर, जूते, घड़ियां, फर्नीचर, सौंदर्य प्रसाधन, सौंदर्य उत्पाद, मोबाइल और उसके सहायक उपकरण, लकड़ी और प्लाईवुड, पेंट और कांच, दूध और दूध उत्पाद, डेयरी उत्पाद, किराना, खाद्यान्न, खाद्य तेल, दालें, साइकिल और उसके सामान, दीवार घड़ियां, गोटा-जरी, साड़ी और ड्रेस मटेरियल आदि क्षेत्रों में बड़े व्यापार की संभावना है।
दिल्ली में 1 अक्टूबर से 1 नवंबर तक का समय रैलियों और धरना-प्रदर्शनों का रहा था, जिसके कारण दिल्ली के व्यापार को लगभग 14 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। दिल्ली के व्यापारियों को दीपावली की बंपर खरीदारी की उम्मीद है, जिससे वे पिछले दिनों हुए नुकसान से उबर सकें।
बृजेश गोयल ने बताया कि दिल्ली में चांदनी चौक, दरीबा कलां, मालीवाड़ा, सदर बाजार, कमला नगर, अशोक विहार, मॉडल टाउन, शालीमार बाग, वजीरपुर, पीतमपुरा, राजौरी गार्डन, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश, ग्रीन पार्क, यूसुफ सराय, लाजपत नगर, प्रीत विहार, शाहदरा एवं लक्ष्मी नगर सहित विभिन्न बाजारों में सामानों की बिक्री के लिए अच्छी-खासी भीड़ उमड़ रही है।
इसके अलावा तमाम कंपनियों के शोरूमों में गाड़ियों की भी अच्छी-खासी बिक्री हो रही है। इसके अलावा लोग मोबाइल, गिफ्ट आइटम्स, सजावटी सामान, ड्राई फ्रूट्स, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, होम फर्निशिंग आदि के सामानों की भी अच्छी-खासी खरीदारी कर रहे हैं।
















