भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जुआरियों और सट्टेबाजों के खिलाफ कार्रवाई में घोर लापरवाही और संरक्षण देने के आरोप में कोतवाली थाना प्रभारी (TI) प्रभात गौड़ को निलंबित कर दिया गया है। उनके साथ ही बीट प्रभारी एएसआई (ASI) राकेश गुर्जर और माइक्रो बीट प्रभारी आरक्षक नरेंद्र रावत पर भी गाज गिरी है। डीसीपी जोन-3 आयुष गुप्ता ने तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित करते हुए लाइन अटैच कर दिया है।


एसीपी की रेड में पकड़े गए दर्जनभर जुआरी और सवा दो लाख की नकदी

कार्रवाई की पूरी पृष्ठभूमि एसीपी कोतवाली संतोष पटेल की रणनीति से जुड़ी हुई है: एसीपी संतोष पटेल ने अपनी विशेष टीम के साथ चौक बाजार क्षेत्र में संचालित एक अवैध जुए के अड्डे पर अचानक छापा मारा। मौके से पुलिस ने 12 से अधिक जुआरियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया और उनके पास से करीब ₹2.25 लाख (सवा दो लाख रुपये) की नकदी जब्त की।


स्थानीय पुलिस की संलिप्तता और संरक्षण के आरोप

छापेमारी के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस की भूमिका की विस्तृत जांच करवाई, जिसमें गंभीर खामियां पाई गईं: आला अधिकारियों द्वारा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, लेकिन थाना स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जांच में सामने आया कि थाना स्तर पर जुए के अड्डे के संचालन की पूरी जानकारी थी। थाना प्रभारी प्रभात गौड़ पर जुआरियों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संरक्षण देने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।


भोपाल में जुए के मामले में दूसरी बड़ी कार्रवाई

राजधानी में जुए के अड्डों को लेकर पुलिस महकमे के भीतर यह लगातार दूसरा बड़ा एक्शन है: इससे पहले बजरिया थाना प्रभारी शिल्पा कौरव को भी जुआरियों को संरक्षण देने के आरोप में निलंबित किया जा चुका है। एसीपी संतोष पटेल ने कोतवाली टीआई और अन्य दो पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई की पुष्टि की है। भोपाल पुलिस अब इस जुआ नेटवर्क से जुड़े अन्य समाजविरोधी तत्वों और मुख्य सरगनाओं की कुंडली खंगाल रही है।