छतरपुर। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने गौरिहार जनपद में ब्लॉकवार समीक्षा बैठक के दौरान शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा प्रशासनिक रुख अपनाया है। शासन की मंशानुरूप कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा न करने और विभागीय लक्ष्यों में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर ने तीन पटवारियों और एक पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही कई कर्मचारियों का वेतन काटने और इंक्रीमेंट (वेतन वृद्धि) रोकने के सख्त निर्देश दिए हैं। बैठक में जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया सहित एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और जनपद सीईओ मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
तीन पटवारी सस्पेंड, कई का वेतन कटा
कलेक्टर ने राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान फार्मर आईडी, नक्शा तरमीम और सीमांकन के कार्यों में असंतोषजनक प्रगति पाए जाने पर पटवारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। कार्य में घोर लापरवाही मिलने पर शिशोलर, ठकुर्रा एवं गोयरा हल्के के पटवारियों को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए गए। वहीं फार्मर आईडी बनाने और खसरा लिंकिंग में खराब प्रदर्शन मिलने पर हल्का सरवई, कटरा और प्रकाश बम्हौरी के पटवारियों का एक-एक इंक्रीमेंट रोकने के आदेश दिए। इसके अतिरिक्त शासकीय कार्यों में शिथिलता बरतने पर जुझारनगर पटवारी का एक दिन, कितपुरा पटवारी का तीन दिन, रेवना पटवारी का सात दिन और पहरा पटवारी का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश जारी किए गए।
कितपुरा सचिव सस्पेंड, उपयंत्री जनपद में अटैच
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना में कम प्रगति पाए जाने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई। अव्यवस्थित जानकारी प्रस्तुत करने पर उन्होंने जनपद सीईओ को भविष्य के लिए सख्त हिदायत दी। इसके साथ ही आवास निर्माण की धीमी गति पाए जाने पर कितपुरा पंचायत के सचिव को निलंबित करने और वहाँ के जीआरएस (रोजगार सहायक) का तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों में कम प्रगति पर चंद्रपुरा सेक्टर के उपयंत्री (सब-इंजीनियर) का सात दिन का वेतन काटते हुए उन्हें जनपद मुख्यालय में अटैच करने के आदेश दिए गए। इसके अतिरिक्त ग्राम रेवना के सचिव की एक वेतन वृद्धि रोकने और जीआरएस का वेतन काटने की कार्रवाई की गई। कलेक्टर ने पंचायतों में लंबित अनुग्रह सहायता और संबल योजना के प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा हर पंचायत में 20 से 25 जीडब्ल्यू कार्य लेने के निर्देश दिए।
सेक्टर पर्यवेक्षक का 7 दिन का वेतन काटा
महिला एवं बाल विकास विभाग की खंड स्तरीय समीक्षा में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत सेक्टर गोयरा, खड़ेहा और गौरिहार की प्रगति अत्यंत कम पाई गई। इस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए कलेक्टर ने सेक्टर पर्यवेक्षक सविता अहिरवार का सात दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य विभाग के कार्यों में भी सहयोग करने तथा अपार और आभा आईडी बनाने को कहा। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए बीएमओ को निर्देशित किया गया कि सभी डिलीवरी पॉइंट्स को पूरी तरह फंक्शनल (सक्रिय) किया जाए ताकि शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित हो सके।
कृषि, उद्यानिकी, शिक्षा और अन्य विभागों को मिले कड़े निर्देश
कृषि विभाग की समीक्षा में निर्देश दिए गए कि प्रदर्शन बीज का वितरण एसडीएम और तहसीलदार की निगरानी में किया जाए और उर्वरक (खाद) की सैंपलिंग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित हो। वहीं उद्यानिकी विभाग को योजनाओं के बैंकों में लंबित प्रकरणों का जल्द निराकरण कराने को कहा गया। पशुपालन विभाग के अंतर्गत क्षीरधारा व कामधेनु योजना तथा मस्तस्य पालन में मुख्यमंत्री मत्स्य समृद्धि योजना की प्रगति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग को शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने तथा सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी शीघ्र अति शीघ्र बनाने के निर्देश दिए गए।
बारिश के मद्देनजर सतर्क रहने के निर्देश
बैठक के अंत में कलेक्टर ने बारिश के मौसम को देखते हुए सभी पटवारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी पटवारी अपने-अपने क्षेत्रों के नदी, नाले, पुल-पुलिया और रास्तों का स्थल निरीक्षण करें जहां दुर्घटना की आशंका हो, और सुरक्षा के उपाय हेतु संबंधित विभागों से तालमेल बैठाएं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए कंट्रोल रूम का नंबर जारी करने के निर्देश भी दिए गए।




