छतरपुर। दीपावली पर्व से ठीक पहले छतरपुर जिला प्रशासन ने केन-बेतवा लिंक परियोजना से विस्थापित और प्रभावित होने वाले परिवारों को एक बड़ी सौगात दी है। कलेक्टर मृणाल मीना ने परियोजना के डूब और प्रभावित क्षेत्र के 189 छूटे हुए पात्र हितग्राहियों के लिए 23 करोड़ 62 लाख 50 हजार रुपये की पुनर्वास पैकेज राशि की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। प्रशासन के इस संवेदनशील और त्वरित निर्णय से पिछले लंबे समय से अपने हक और मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे विस्थापित परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है।

पुनर्वास राशि के निर्धारण में प्रशासन ने मानवीय और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए उन ग्रामीणों को भी राहत दिलाई है, जिनके पास दस्तावेज नहीं थे। स्वीकृत हितग्राहियों में कई ऐसे ग्रामीण भी शामिल थे, जिनका कभी स्कूल में औपचारिक दाखिला नहीं हुआ था और न ही उनके पास जन्मतिथि या आयु संबंधी कोई वैध शासकीय दस्तावेज उपलब्ध थे। कलेक्टर के विशेष निर्देश पर ऐसे सभी वंचित व्यक्तियों का स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से विधिवत मेडिकल परीक्षण कराया गया। डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड द्वारा उम्र का वैज्ञानिक निर्धारण किए जाने के बाद जैसे ही वे पात्रता के दायरे में आए, उन्हें बिना किसी देरी के पुनर्वास पैकेज की सूची में शामिल कर स्वीकृति दे दी गई। इसके साथ ही अन्य तकनीकी कारणों से छूटे हुए शेष पात्र व्यक्तियों को भी लाभान्वित किया गया है।


प्रभावित 7 गांवों के परिवारों को मिला पुनर्वास पैकेज

प्रशासन द्वारा जारी स्वीकृति आदेश के अनुसार, केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित सात प्रमुख ग्रामों के 189 हितग्राहियों को इस पैकेज का सीधा लाभ दिया गया है। इसके तहत ग्राम पलकोंहा के सर्वाधिक 76 हितग्राही, नैगुवां के 35, खरयानी के 34 तथा ढोढन के 33 हितग्राहियों के खाते में राशि अंतरित करने की मंजूरी दी गई है। इसके अतिरिक्त ग्राम कुपी के 4, पाठापुर के 4 एवं बसुधा के 3 पात्र हितग्राहियों को भी पुनर्वास राशि स्वीकृत की गई है। त्योहारी सीजन के ऐन वक्त पर मिली इस भारी-भरकम राशि से विस्थापित परिवारों के चेहरों पर खुशी लौट आई है और उन्हें नए सिरे से आशियाना व आजीविका बसाने के लिए मजबूत आर्थिक संबल मिलेगा।