चित्रकूट। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार दोपहर देवांगना घाटी स्थित चित्रकूट हवाई पट्टी पहुंचने के बाद जिले में बाढ़ की स्थिति और नुकसान का जायजा लिया। रामघाट स्थित रामायण मेला परिसर में बाढ़ पीड़ितों को राहत किट वितरित करते हुए उन्होंने कहा कि मंदाकिनी नदी की इस भीषण आपदा की घड़ी में सरकार पूरी संवेदना के साथ प्रभावितों के साथ खड़ी है।
आपदा प्रबंधन और त्वरित कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस दिन बाढ़ आई थी, वे बस्ती में थे और वहीं से डीजी पीएसी को निर्देश देकर राहत टीमों को रवाना किया था। चित्रकूट में पहले सिर्फ एक एसडीआरएफ की टीम थी, जिसे तुरंत बढ़ाकर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी फ्लड की कुल आठ टीमों में तब्दील किया गया। हवाई सर्वेक्षण और रामघाट का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने अधिकारियों को लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
किसानों और प्रभावितों को मुआवजे का भरोसा
आपदा से प्रभावित किसानों, व्यापारियों और अन्य परिवारों को हुए नुकसान का पूरा मुआवजा दिया जाएगा। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के पीड़ितों को प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत नए आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए बजट की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। इस दौरान कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' सहित क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।




