अहमदाबादगुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को अहमदाबाद के गोटा क्षेत्र में आयोजित पूर्णाहुति हवन में भाग लिया और कांची कामकोटी पीठम के 70वें पीठाधिपति शंकराचार्य श्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती का आशीर्वाद लिया।मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शंकराचार्य की उपस्थिति में धार्मिक समारोह में भाग लिया और बाद में यज्ञशाला मंडपम में उनसे मुलाकात की, जहां दोनों ने बातचीत भी की।
मुख्यमंत्री ने इस मुलाकात को 'प्रेरणादायक' बताया और कहा कि आध्यात्मिक गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "आज अहमदाबाद के गोटा में मुझे परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य श्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती स्वामीजी, सम्मानीय सर्वज्ञ श्री कांची कामकोटी पीठम के 70वें पीठाधिपति के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।"
समारोह का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "मुझे पूज्य शंकराचार्यजी की उपस्थिति में आयोजित पूर्णाहुति हवन में भाग लेने का दिव्य अवसर मिला। यज्ञशाला मंडपम में उनसे हुई बातचीत अत्यंत प्रेरणादायक थी।"
उन्होंने भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण में कांची कामकोटी पीठम के योगदान पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा, "सनातन परंपराओं और वैदिक संस्कृति के संरक्षण और प्रचार के लिए कांची कामकोटि पीठम का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। मैं प्रार्थना करता हूं कि पूज्य शंकराचार्यजी का आशीर्वाद देश की समृद्ध प्रगति के पीछे प्रेरक शक्ति बने।"
शंकर विजयेंद्र सरस्वती अपने पूर्ववर्ती जयेंद्र सरस्वती की महासमाधि के बाद 28 फरवरी, 2018 को कांची कामकोटि पीठम के 70वें पीठाधिपति बने। पीठम का मुख्यालय तमिलनाडु के कांचीपुरम में है, हिंदू धार्मिक और वैदिक परंपराओं का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।
गुजरात के पूर्व शिक्षा मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेंद्रसिंह चुडासमा, पूर्व मंत्री मायाबेन कोडनानी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। इस यात्रा के दौरान राज्य के राजनीतिक नेता और देश के प्रमुख हिंदू धार्मिक संस्थानों में से एक के प्रमुख अहमदाबाद में आयोजित धार्मिक समारोह में शामिल हुए।

















