सागर, जीशान खान: दीपावली से पहले मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को सख्त चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि त्योहार के दौरान अवैध शराब, नशीले पदार्थों और प्रतिबंधित पटाखों का कारोबार किसी भी स्थिति में नहीं चलना चाहिए। जहरीली और नकली शराब बनाने वालों के ठिकाने चिह्नित कर कठोर कार्रवाई की जाए। वहीं किसानों को खाद-उर्वरक की उपलब्धता में परेशानी हुई तो सीधे कलेक्टर जिम्मेदार माने जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने अवैध शराब के कारोबार पर कार्रवाई को लेकर अधिकारियों से कहा कि केवल शराब बेचने वालों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि निर्माण, परिवहन और वितरण से जुड़े पूरे नेटवर्क को खत्म करना होगा। एजेन्टी, पैकारी और डायरी व्यवस्था जैसी गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। शराब परिवहन करने वाले वाहनों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। लाइसेंसी दुकानों पर निर्धारित कीमत से अधिक वसूली नहीं होनी चाहिए। मदिरा के नमूने लेकर उनकी जांच भी कराई जाए, ताकि जहरीली या मिलावटी शराब से किसी की जान को खतरा न हो।
गांजा और अफीम की अवैध खेती रोकने के लिए भी मुख्यमंत्री ने विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। मादक पदार्थ बनाने वाली प्रयोगशालाओं को बंद कराने, नारकोटिक्स नेटवर्क को ध्वस्त करने और पुलिस तथा नारकोटिक्स टीमों की संयुक्त कार्रवाई पर जोर दिया। इसके लिए कॉम्बेट टीम सक्रिय करने और पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई करने को कहा। स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
नशामुक्ति अभियान के तहत सभी जिलों में नशामुक्ति सह पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। सामाजिक संस्थाओं द्वारा संचालित केंद्रों को केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से अनुदान दिलाने और जिन जिलों में केंद्र नहीं हैं, वहां नए केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। अधिकारियों को छात्रावासों में जाकर विद्यार्थियों को गुटखा, तंबाकू और खैनी से दूर रखने के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी भी दी गई।
दीपावली के बाजारों में छोटे व्यापारियों को राहत देने के निर्देश भी दिए गए हैं। फल, फूल, दीपक, बाती और झालर बेचने वाले छोटे दुकानदारों को तहबाजारी से छूट देने और उन्हें परेशान नहीं करने को कहा गया। वहीं प्रतिबंधित पटाखों के साथ कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप के इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
खाद-उर्वरक की उपलब्धता को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि किसानों को जरूरत के अनुसार खाद मिलना चाहिए। किसी जिले में खाद की किल्लत हुई या किसानों को परेशानी उठानी पड़ी तो कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। कृषि एवं विपणन विभाग के अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहकर वितरण व्यवस्था की निगरानी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में कृषि विभाग के सचिव ने प्रदेश में खाद की आपूर्ति सामान्य होने की जानकारी दी।
प्रदेश के 12 जिलों में सामान्य वर्षा होने के कारण मुख्यमंत्री ने आनावारी के आंकड़े आने के बाद जल्द सर्वे कराने और पात्र किसानों को राहत राशि वितरित करने के निर्देश दिए।
धनतेरस के दिन ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे पट्टे पर रहने वाले परिवारों की पक्की रजिस्ट्री कराने के अभियान को गति दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को सांसदों और विधायकों के साथ गांवों में पहुंचकर मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत शत-प्रतिशत रजिस्ट्री सुनिश्चित करने को कहा। बेहतर काम करने वाले पटवारियों और तहसीलदारों को 26 जनवरी को सम्मानित किया जाएगा। उनकी उपलब्धियों को सर्विस बुक में भी दर्ज किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने 9 नवंबर को प्रदेशभर में गोवर्धन पूजा के आयोजन के निर्देश दिए। गौशालाओं में गौपूजन, पशुपालकों का सम्मान और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भोपाल के राज्यस्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी गौशालाओं में दिखाया जाएगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव संस्कृति शिव शेखर शुक्ला, अपर मुख्य सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त केसी गुप्ता तथा पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना मौजूद रहे।
सागर एनआईसी से संभागायुक्त दिलीप कुमार, पुलिस उपमहानिरीक्षक एस.एस. चौहान, कलेक्टर दिलीप कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक संजीव सिन्हा, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर अविनाश रावत, संयुक्त कलेक्टर आरती यादव और सहायक आबकारी आयुक्त वंदना पांडे शामिल हुए।













