इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर की सबसे चर्चित विधानसभा सीट 'विधानसभा-1' में कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर सियासी खींचतान और असंतोष के संकेत एक बार फिर उभरकर सामने आए हैं। वार्ड क्रमांक 7 की भाजपा पार्षद भावना मनोज मिश्रा द्वारा आयोजित दीपावली मिलन और उपहार वितरण समारोह में न तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की तस्वीर पोस्टरों में दिखी और न ही उन्हें आमंत्रण भेजा गया।
पोस्टर से फोटो गायब, मंत्री को आमंत्रण तक नहीं
इंदौर के वार्ड-7 की पार्षद भावना मनोज मिश्रा द्वारा पिछले 10 वर्षों से दीपावली मिलन और उपहार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। बुधवार को आयोजित इस कार्यक्रम में कमजोर वर्ग के परिवारों को दीवाली की सामग्री वितरित की गई। आयोजन से ज्यादा चर्चा कार्यक्रम के लिए लगाए गए फ्लेक्स और पोस्टरों को लेकर रही। पोस्टरों से क्षेत्रीय विधायक व प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की तस्वीर पूरी तरह नदारद थी। जानकारी के अनुसार, पार्षद पक्ष द्वारा मंत्री विजयवर्गीय को कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण तक नहीं भेजा गया था। आयोजन में कैलाश विजयवर्गीय की गैरमौजूदगी के बीच भाजपा के प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता समेत पार्टी के कई अन्य प्रमुख नेता मंच पर मौजूद रहे, जिससे गुटबाजी की चर्चाओं को और बल मिला है।
'मन की बात' कार्यक्रम से बिगड़े थे रिश्ते
पार्षद भावना मिश्रा और उनके पति मनोज मिश्रा की विजयवर्गीय से दूरी की वजह एक पुरानी घटना को माना जा रहा है: विधानसभा चुनाव के समय तक विजयवर्गीय और मनोज मिश्रा के बीच काफी मधुर संबंध थे। हालांकि, कुछ समय पहले मंत्री विजयवर्गीय बिना पूर्व सूचना के वार्ड के कंडिलपुरा क्षेत्र में कार्यकर्ता लाला यादव के घर 'मन की बात' कार्यक्रम सुनने पहुंच गए थे। क्षेत्रीय पार्षद को इस बात की खबर तक नहीं दी गई थी, जिससे मनोज मिश्रा खुद को उपेक्षित महसूस करने लगे। उस दौरान जब विजयवर्गीय लाला यादव के घर थे, तब पार्षद और उनके पति ने वहां जाने के बजाय अपने कार्यालय में बैठकर 'मन की बात' सुनी थी। बताया जा रहा है कि इस घटना से पहले भी मनोज मिश्रा पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय के सहयोगियों द्वारा वार्ड के कामों में किए जा रहे कथित हस्तक्षेप से नाराज थे, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया।
विधानसभा-1 में पार्टी के भीतर बढ़ी रार
पार्षद के अपने निजी और बड़े सार्वजनिक आयोजन से स्थानीय विधायक की तस्वीर गायब होने तथा उन्हें आमंत्रित न किए जाने से इंदौर भाजपा के भीतर की अंतरकलह सरेआम उजागर हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि क्षेत्र में विजयवर्गीय विरोधी खेमा सक्रिय हो रहा है, जिससे आने वाले समय में पार्टी के भीतर सियासी खींचतान और बढ़ सकती है।














