लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को विकास की नई सौगात देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने रविवार को लखनऊ छावनी को ‘मॉडल छावनी’ के रूप में विकसित करने के लिए 101 करोड़ रुपये की 12 विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया।


इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने सुरक्षा, सुशासन और विकास की नई यात्रा तय की है। आज उत्तर प्रदेश देश का ‘ग्रोथ इंजन’ बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने जिस विकसित और सशक्त भारत का सपना देखा था, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास के हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं और लखनऊ इसका जीवंत उदाहरण है।


सीएम योगी ने लखनऊ के बदलते स्वरूप का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 20 वर्ष पहले लखनऊ रेलवे स्टेशन पर बोर्ड लगा होता था-'मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं।' लेकिन उस समय शहर के जाम, संकरी गलियों और गंदगी को देखकर लोगों को मुस्कुराने के बजाय परेशान होना पड़ता था। आज लखनऊ ने अपनी ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखते हुए आधुनिक और स्मार्ट सिटी के रूप में अपनी नई पहचान बनाई है। आज लखनऊ में पुरानी गलियां भी हैं और स्मार्ट रोड तथा सीएम ग्रिड की आधुनिक सड़कें भी हैं। शहर की संकरी गलियों के साथ किसान पथ जैसा आउटर रिंग रोड भी है। एक तरफ ऊदा देवी पासी और महाराजा बिजली पासी जैसी महान विभूतियों की ऐतिहासिक विरासत है तो दूसरी ओर रक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में ब्रह्मोस जैसी आधुनिक मिसाइलों के निर्माण का केंद्र भी लखनऊ बन रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ अपनी चिकनकारी और हस्तशिल्प के लिए पूरी दुनिया में पहचान रखता है। शहर की खानपान और सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान मिली है। विरासत और आधुनिक विकास का यह संगम लखनऊ को देश के प्रमुख शहरों में अलग पहचान दे रहा है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन और प्रयासों से लखनऊ छावनी में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। छावनी परिषद में ठोस कचरा प्रबंधन की एआई आधारित व्यवस्था तैयार की जा रही है। इसके साथ ही स्कूलों में मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की शुरुआत जैसी पहल भी की जा रही है। इससे सैन्यकर्मियों, पूर्व सैनिकों और छावनी क्षेत्र में रहने वाले आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।


सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ में गोमती नदी को स्वच्छ बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस वर्ष के अंत तक गोमती नदी को पूरी तरह स्वच्छ बनाने में सफलता मिलेगी। इस दिशा में सेंट्रल कमांड की ओर से मिल रहे सहयोग की भी उन्होंने सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट था। प्रदेश अभाव, अराजकता और उपद्रव की स्थिति से गुजर रहा था, लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। उत्तर प्रदेश अब इन समस्याओं से बाहर निकलकर देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन रहा है।


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में प्रदेश में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो और एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ा है। लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण को केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद इसके कार्य को भी जल्द आगे बढ़ाया जाएगा। उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा एयर कनेक्टिविटी नेटवर्क विकसित हुआ है। वर्तमान में प्रदेश में 17 घरेलू और पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट संचालित हैं। सैनिक स्कूलों के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को देश की सुरक्षा जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा में सैनिक 24 घंटे तत्पर रहते हैं। ऐसे में सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि छावनी परिषदों में विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। लखनऊ छावनी को आदर्श छावनी परिषद के रूप में विकसित करने के लिए सरकार लगातार काम करेगी। छावनी क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों और सैन्य परिवारों को बेहतर सड़क, स्वच्छता, शिक्षा, कचरा प्रबंधन और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ आज अपनी पुरानी पहचान और आधुनिक विकास, दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। ब्रह्मोस से लेकर स्मार्ट रोड और विरासत से लेकर आधुनिक बुनियादी ढांचे तक, राजधानी बदलते उत्तर प्रदेश की नई तस्वीर पेश कर रही है।