अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिवाली के अवसर पर रविवार सुबह अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर का दौरा किया और राम लला की पूजा-अर्चना की। उन्होंने आरती की, आशीर्वाद लिया और त्योहार के जश्न के हिस्से के रूप में मंदिर परिसर में मिट्टी का पारंपरिक दीपक जलाया।

मुख्यमंत्री सुबह करीब 8 बजे श्री राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचे, जहां श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

अपनी यात्रा के दौरान, योगी आदित्यनाथ ने राम लला के सामने प्रार्थना की और दीवाली के पावन त्योहार से जुड़ी धार्मिक रीतियों में भाग लिया। उनका यह दौरा अयोध्या के आध्यात्मिक महत्व और नवनिर्मित राम मंदिर में इस त्योहार के विशेष महत्व को दर्शाता है।

दर्शन पूरे करने के बाद, मुख्यमंत्री ने महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज से मुलाकात की और उनका हाल-चाल पूछा। उन्होंने कई संतों और धार्मिक नेताओं से भी बातचीत की।

इसके बाद, योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के कारसेवकपुरम में आयोजित 10वें दीपावली मिलन महोत्सव में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में कई प्रमुख संत, महंत और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े लोग शामिल हुए।

वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राम जन्मभूमि आंदोलन में विश्व हिंदू परिषद के पूर्व नेता अशोक सिंघल के अहम योगदान को याद किया। उन्होंने उन लोगों के समर्पण और प्रयासों को भी याद किया, जिन्होंने भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए काम किया था।

योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर बनाने का लंबे समय से देखा गया सपना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कैसे सच हो गया।

अधिकारियों ने बताया कि दिवाली के मौके पर मुख्यमंत्री के दौरे से अयोध्या का उत्सवपूर्ण और आध्यात्मिक माहौल और भी निखर गया, जहां भक्तों और संतों ने प्रार्थनाओं, पारंपरिक अनुष्ठानों और पूरे उत्साह के साथ इस त्योहार को मनाया।

--आएएनएस

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