भोपाल, जीतेन्द्र यादव। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट और खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य (MSP) के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी ने भोपाल में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि प्रदेश में जवाबदेही पूरी तरह खत्म हो चुकी है और लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद जिम्मेदार लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
कुणाल चौधरी ने कहा कि छिंदवाड़ा में नकली कफ सिरप और जहरीले पदार्थों से बच्चों की मौत, इंदौर में दूषित पानी से लोगों की जान जाना और जबलपुर में क्रूज़ हादसे जैसी घटनाएं सरकार की लापरवाही को उजागर करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंगरौली, पेटलावद, हरदा, मुरैना और अब देवास में हुए पटाखा फैक्ट्री हादसे प्रशासनिक विफलता का परिणाम हैं।
कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी घटनाओं के बाद क्या कोई मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने मृतकों की जान की कीमत केवल चार लाख रुपये तय कर दी है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। चौधरी ने मांग की कि हादसे के दोषी अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए, जिम्मेदार मंत्रियों से इस्तीफा लिया जाए और मृतकों के परिजनों को कम से कम 25-25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
समर्थन मूल्य और गेहूं खरीदी को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। कुणाल चौधरी ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने विज्ञापनों में 365 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का दावा कर रही है, जबकि खरीदी का लक्ष्य केवल 16 लाख मीट्रिक टन रखा गया है।
उन्होंने कहा कि पिछले सवा महीने में सरकार केवल 73 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी कर पाई है। ऐसे में जब खरीदी की अंतिम तारीख 23 मई निर्धारित है, तो क्या सरकार पांच दिनों में शेष गेहूं खरीद पाएगी। चौधरी ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के दावे अब केवल विज्ञापनों तक सीमित होकर रह गए हैं।




