धार/गंधवानी, भानु प्रकाश शर्मा। जांगिड़ ब्राह्मण समाज निमाड़ पंच, कुक्षी जिला धार के तत्वावधान में नवनिर्मित देवालय में आयोजित श्री गणेशजी, श्री विश्वकर्माजी एवं बाबा रामदेवजी की मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा का तीन दिवसीय महोत्सव रविवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। अंतिम दिन 13 सितंबर को वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत-सम्मान किया गया और महाप्रसादी का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष प्रभु दयाल बरनेला, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश बरनेला एवं कुक्षी विधायक सुरेंद्रसिंह हनी बघेल सहित महासभा के पदाधिकारी और समाज के गणमान्यजन उपस्थित रहे।
समाज की एकता और संगठन पर दिया जोर
मुख्य अतिथि प्रभु दयाल बरनेला ने समाजजनों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज की एकता, मजबूत संगठन और आपसी सहयोग से ही समाज निरंतर प्रगति कर सकता है। धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन समाज को एकजुट करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने समाजजनों से समाजहित में मिल-जुलकर कार्य करने का आह्वान किया।
महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष माया देहमान शर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिलाओं की सामाजिक सहभागिता और समाज के विकास में उनकी भूमिका पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी समाज को नई दिशा देने के साथ उसे और मजबूत बनाती है।
महासभा के पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी रतन लाल लाडवा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रभु दयाल दहेमन, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप शर्मा, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष कपिल शर्मा, प्रदेश महामंत्री अनिल शर्मा, प्रदेश कोषाध्यक्ष रतन जांगिड़, चुनाव अधिकारी प्रदुमन रतावजिया एवं उर्मिला शर्मा देवास सहित अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा मध्य प्रदेश के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जांगिड़ ब्राह्मण समाज निमाड़ पंच, कुक्षी के अध्यक्ष दीपक शर्मा बड़वानी, उपाध्यक्ष बसंती लाल शर्मा गंधवानी, सचिव शिवनारायण शर्मा टोकी एवं कोषाध्यक्ष कुंदन शर्मा कुक्षी सहित समाज के अन्य पदाधिकारियों ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई।
तीन दिवसीय महोत्सव के दौरान कलश यात्रा, पूजन-अर्चन, यज्ञ, भजन संध्या, नगर भ्रमण, सुंदरकांड पाठ सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। अंतिम दिन प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर बड़ी संख्या में महिला, पुरुष एवं बच्चे शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने नवनिर्मित देवालय में भगवान के दर्शन कर महाप्रसादी ग्रहण की। पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।




