झाबुआ। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के अंतर्गत आने वाले चुई गांव से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। दशहरा का त्योहार मनाने के लिए घर से निकले तीन मासूम बच्चों के शव एक गहरे कुएं से बरामद किए गए हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम और गहरा आक्रोश व्याप्त है। बच्चों के शरीर पर चोट और कटे होने के निशान मिलने के कारण ग्रामीणों ने 'नरबलि' की आशंका जताई है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर गहन जांच कर रही है।
दशहरा देखने निकले थे विजय, मयंक और विवेक; देर रात तक नहीं लौटे
पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, विजय, मयंक और विवेक नाम के तीनों बच्चे दशहरा पर्व मनाने के लिए अपने घरों से बाहर निकले थे: शुरुआत में परिजनों को लगा कि बच्चे मेला या त्योहार देखकर कुछ देर में लौट आएंगे, लेकिन जब काफी रात बीत जाने के बाद भी वे घर नहीं पहुंचे, तो परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गई। परिजनों ने आसपास के लोगों के साथ मिलकर बच्चों की खोजबीन शुरू की। ढूंढते-ढूंढते जब वे खेतों की तरफ पहुंचे, तो वहां बच्चों की साइकिल लावारिस हालत में पड़ी मिली।
साइकिल मिलने के बाद कुएं में मिले शव; दो परिवारों के थे इकलौते बेटे
खेत में बच्चों की साइकिल मिलने के बाद अनहोनी की आशंका और गहरी हो गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने आसपास के इलाकों में तलाश तेज कर दी: साइकिल के आसपास तीन कुएं स्थित थे। ग्रामीणों ने जब उनमें टॉर्च डालकर या उतरकर देखा, तो एक गहरे कुएं के अंदर तीनों बच्चों के शव तैरते हुए मिले। एक साथ तीन बच्चों की मौत से उनके परिवारों में कोहराम मच गया। इस दर्दनाक हादसे का सबसे विदारक पहलू यह है कि इस घटना में जान गंवाने वाले बच्चों में विजय और मयंक अपने-अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे, जबकि विवेक के परिवार में दो भाई हैं।
शरीर पर कटे और चोट के निशान, ग्रामीणों में नरबलि को लेकर चर्चा
घटनास्थल पर जब बच्चों के शव बाहर निकाले गए, तो उनके शरीर की स्थिति को देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए: सामने आई शुरुआती जानकारियों के अनुसार, बच्चों के नाक, कान और शरीर के अन्य हिस्सों पर कटे व चोट लगने के गंभीर निशान बताए जा रहे हैं। इस तरह के संदिग्ध निशानों को देखकर ग्रामीणों और परिजनों के मन में नरबलि (ह्यूमन सैक्रिफाइस) या किसी अंधविश्वास से जुड़ी आपराधिक घटना की आशंका घर कर गई है।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि सिर्फ शारीरिक निशानों या अटकलों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। बच्चों की मौत पानी में डूबने से हुई है या इसके पीछे कोई अन्य आपराधिक साजिश है, इन तमाम सवालों के पुख्ता जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की आधिकारिक फॉरेंसिक जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे। स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचकर मामले की हर एंगल से तफ्तीश कर रहा है।














