छतरपुर। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) नमः शिवाय अरजरिया ने भ्रष्टाचार और कार्य में गंभीर लापरवाही के मामले में त्वरित व सख्त एक्शन लिया है। 8 सितंबर को आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई के दौरान ग्राम कदवां (जनपद पंचायत छतरपुर) निवासी वीरू अहिरवार (पिता बिन्दा अहिरवार) ने उपस्थित होकर ग्राम पंचायत सचिव के विरुद्ध गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदक ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत कदवां के सचिव सज्जन सिंह द्वारा जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में ₹3,000 की रिश्वत (पारितोषण) पहले ही वसूल ली गई थी, जबकि प्रमाण पत्र देने के लिए ₹1,500 की अतिरिक्त मांग लगातार की जा रही थी।


ऑडियो रिकॉर्डिंग से हुई पुष्टि, सीईओ ने तत्काल प्रभाव से जारी किए निलंबन आदेश

फरियादी वीरू अहिरवार ने शिकायत के समर्थन में रिश्वत मांगने संबंधी पुख्ता ऑडियो रिकॉर्डिंग जिला पंचायत सीईओ के समक्ष पेश की। रिकॉर्डिंग के प्राथमिक परीक्षण और साक्ष्यों के आधार पर सचिव सज्जन सिंह द्वारा पद का दुरुपयोग कर अवैध राशि मांगने की प्रथम दृष्टया पुष्टि हुई। मामले को घोर कदाचरण और पदीय दायित्वों की अवहेलना मानते हुए जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।


मुख्यालय जनपद पंचायत छतरपुर नियत, विभागीय जांच के निर्देश

निलंबन अवधि के दौरान सचिव सज्जन सिंह का मुख्यालय जनपद पंचायत कार्यालय छतरपुर नियत किया गया है। जिला पंचायत सीईओ ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों और जनसेवाओं में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार या आम नागरिकों को परेशान करने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले में नियमानुसार विभागीय जांच संस्थित कर आगे की वैधानिक व अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।