भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक अभियान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयानों को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली और वैचारिक सोच पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले नागरिक हैं, न कि कोई खतरा।
"क्या युवाओं और हक मांगने वालों को आतंकवादी समझती है सरकार?"
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीजेपी के अभियानों और विरोध प्रदर्शनों से निपटने के तरीके पर सवाल उठाते हुए तीखे शब्दों में कहा: उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या बीजेपी सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) देश के युवाओं को आतंकवादी समझती है, जो उन्हें हटाने या दबाने की बात कर रही है। सिंघार ने जोर देकर कहा कि जो लोग अपने हक की आवाज उठा रहे हैं, वे देश के आम नागरिक हैं और उन्हें संविधान के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी लगातार आम जनता की आवाज उठाने और उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ने का काम करती रहेगी।
अमित शाह पर पलटवार: "सदन में नहीं, चैंबर में बैठते हैं गृह मंत्री"
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा कांग्रेस और विपक्ष पर दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उमंग सिंघार ने सीधा मुकाबला करते हुए कहा: जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संसद भवन के भीतर देश के आम नागरिकों, युवाओं और दलित-वंचितों की आवाज उठाते हैं, तब गृह मंत्री अमित शाह सदन के भीतर मौजूद नहीं होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण चर्चाओं के दौरान सदन में रहने के बजाय अमित शाह अपने चैंबर में बैठना पसंद करते हैं। सिंघार ने चुनौती देते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह को पहले इस बात का जवाब देना चाहिए।
















