भोपाल। रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन के लिए पहचाने जाने वाला मध्य प्रदेश अब सरकारी खाद्यान्न भंडारण क्षमता के मामले में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। संसद में केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 34.94 लाख मीट्रिक टन (3,493.80 हजार टन) खाद्यान्न भंडारण की क्षमता उपलब्ध है। इस क्षमता के आधार पर मध्य प्रदेश देश के शीर्ष पांच राज्यों की सूची में आ गया है।
राज्यसभा में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024-25 के दौरान देश में एफसीआई (FCI), राज्य एजेंसियों और अन्य व्यवस्थाओं को मिलाकर कुल 5.55 करोड़ मीट्रिक टन खाद्यान्न भंडारण क्षमता उपलब्ध है। देश की इस कुल क्षमता में अकेले मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 6.3 प्रतिशत है।
विशेष बात यह है कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, तेलंगाना और ओडिशा जैसे बड़े कृषि व उपभोक्ता राज्य भी भंडारण क्षमता के मामले में मध्य प्रदेश से पीछे हैं। वर्तमान में मध्य प्रदेश से आगे केवल उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल ही हैं।




