नई दिल्ली। वर्ष 2025 में दुनिया भर में अरबपतियों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इसकी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में आई तेजी और टेक्नोलॉजी शेयरों में मजबूत बढ़त है, जिससे अरबपतियों की संख्या के साथ-साथ उनकी संपत्ति में भी तेज वृद्धि देखने को मिली है। यह जानकारी वेल्थ इंटेलिजेंस फर्म अल्ट्राटा की एक रिपोर्ट में दी गई।रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में अरबपतियों की संख्या 2025 के दौरान 8.2 प्रतिशत बढ़कर 3,795 हो गई, जो पांच वर्षों में सबसे बड़ी वार्षिक वृद्धि है। इस दौरान उनकी कुल संपत्ति 12.8 प्रतिशत बढ़कर 15.1 ट्रिलियन डॉलर हो गई। यह दुनिया के सबसे अमीर लोगों की संपत्ति पर टेक्नोलॉजी और एआई से जुड़े निवेशों के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
अल्ट्राटा ने कहा कि अरबपतियों की संपत्ति बढ़ाने में एआई बूम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टेक्नोलॉजी शेयरों के मजबूत प्रदर्शन ने भी उनकी संपत्ति बढ़ाने में मदद की। हालांकि, रिपोर्ट ने चेतावनी दी कि टेक्नोलॉजी और एआई सेक्टर में संपत्ति का बढ़ता केंद्रीकरण बाजार में उतार-चढ़ाव के जोखिम को बढ़ा सकता है।
रिपोर्ट में 150 सूचीबद्ध कंपनियों की पहचान की गई, जिन्होंने अरबपतियों की संपत्ति बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। पिछले पांच वर्षों में एआई में कम से कम 3 करोड़ डॉलर का निवेश करने वाली कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में 2024 से 2025 के बीच उन कंपनियों की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक वृद्धि दर्ज की गई, जिन्होंने इस तरह का निवेश नहीं किया था।
इस दौरान अल्ट्रा-रिच लोगों के बीच संपत्ति का केंद्रीकरण भी तेजी से बढ़ा है। अल्ट्राटा ने 50 अरब डॉलर से अधिक की संपत्ति वाले 29 लोगों की पहचान की है और उन्हें “सुपर अरबपति” कहा है। इनकी कुल संपत्ति 4.1 ट्रिलियन डॉलर थी, जो दुनियाभर के अरबपतियों की कुल संपत्ति का करीब 27 प्रतिशत है।
पिछले एक दशक में संपत्ति का यह केंद्रीकरण काफी बढ़ा है। 2017 में सिर्फ 10 लोगों के पास 50 अरब डॉलर से अधिक की संपत्ति थी और उनकी संयुक्त संपत्ति वैश्विक अरबपतियों की कुल संपत्ति का केवल 7.2 प्रतिशत थी।
अल्ट्राटा में थॉट लीडरशिप और एनालिटिक्स की प्रमुख माया इम्बर्ग ने कहा कि दुनिया के सबसे अमीर अरबपतियों में से कई की संपत्ति पर भविष्य में एआई सेक्टर में होने वाले घटनाक्रम का प्रभाव और अधिक एक साथ देखने को मिल सकता है।
2025 में अरबपतियों की संख्या के मामले में उत्तरी अमेरिका सबसे आगे रहा। इस क्षेत्र में अरबपतियों की संख्या 11.6 प्रतिशत बढ़कर 1,337 हो गई। निजी और शेयर बाजार में सूचीबद्ध दोनों तरह के टेक्नोलॉजी बाजारों में अमेरिका की मजबूत स्थिति ने इस वृद्धि में योगदान दिया।
यूरोप में 1,081 अरबपति थे, जहां अरबपतियों की संख्या में 7.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं, एशिया में 881 अरबपति रहे, जिनकी संख्या साल के दौरान 6.5 प्रतिशत बढ़ी।
विदेश में जन्मे लोगों की हिस्सेदारी लंदन के अरबपतियों में करीब 60 प्रतिशत, पूरे ब्रिटेन में 48 प्रतिशत, सैन फ्रांसिस्को में 41 प्रतिशत और न्यूयॉर्क में 19 प्रतिशत है।




