ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल संभाग में तेजी से लगाए जा रहे हाईटेक स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं का असंतोष और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्वालियर शहर सहित संभाग के कई इलाकों से शिकायतें आ रही हैं कि स्मार्ट मीटर स्थापित होते ही बिजली की खपत में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज हो रही है और बिल पहले की तुलना में डेढ़ से दो गुना तक बढ़कर आ रहे हैं। मीटर 'तेज भागने' के लगातार लग रहे आरोपों के बाद मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने शंका समाधान के लिए शिकायतों वाले परिसरों में पुराने और नए मीटरों का एक साथ तुलनात्मक परीक्षण (पैरेलल टेस्ट) शुरू किया है।
कंपनी की व्यवस्था: समानांतर (पैरेलल) मीटर लगाकर हो रही जांच
उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण करने के लिए बिजली कंपनी की तकनीकी टीमें मौके पर पहुंचकर जांच प्रक्रिया अपना रही हैं। इसके तहत शिकायतकर्ता के परिसर में स्मार्ट मीटर के साथ ही समानांतर रूप से एक पुराना (चेक) मीटर लगाया जा रहा है। घर के सभी बिजली उपकरणों को एक समान लोड पर चलाकर निश्चित समय में दोनों मीटरों द्वारा दर्ज की गई यूनिट्स की तुलना की जाती है। यदि पैरेलल टेस्ट के दौरान रीडिंग में कोई बड़ा अंतर या तकनीकी त्रुटि पाई जाती है, तो उस स्मार्ट मीटर को विस्तृत जांच के लिए लैब भेजा जाता है।
उपभोक्ताओं के तर्क बनाम बिजली कंपनी का स्पष्टीकरण
शहरवासियों का कहना है कि न तो उनके घरों में नए उपकरण (जैसे एसी या फ्रिज) जुड़े हैं और न ही उपयोग के समय में कोई बदलाव हुआ है। ऐसे में सिर्फ मीटर बदलते ही अचानक यूनिट्स की संख्या दोगुनी होना समझ से परे है। दूसरी ओर, बिजली कंपनी का कहना है कि स्मार्ट मीटर डिजिटल तकनीक पर आधारित हैं और रियल-टाइम खपत दर्ज करते हैं। पुराने इलेक्ट्रोमैकेनिकल मीटर समय के साथ धीमे हो जाते थे या कई बार औसत बिलिंग होती थी। स्मार्ट मीटर में एक-एक वॉट की सटीक गणना होती है, जिसे उपभोक्ता 'तेज चलना' समझ रहे हैं।
असामान्य बिल आने पर उपभोक्ता क्या करें? (उपयोगी सुझाव)
यदि बिल में अचानक असामान्य उछाल दिखे, तो अपने नजदीकी बिजली जोन कार्यालय में आवेदन देकर 'चेक मीटर' लगवाने की मांग करें। इसके साथ ही बिजली कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए अपनी दैनिक खपत पर नजर रखें ताकि पता चल सके कि किस समय सबसे ज्यादा लोड दर्ज हो रहा है। कई बार पुरानी वायरिंग या अर्थिंग लीकेज से भी स्मार्ट मीटर में अतिरिक्त यूनिट्स दर्ज हो जाती हैं, इसलिए किसी कुशल इलेक्ट्रीशियन से घरेलू वायरिंग की जांच अवश्य कराएं।
ग्वालियर-चंबल संभाग में स्मार्ट मीटरों की स्थिति (कुल: 2.33 लाख)
ग्वालियर-चंबल संभाग के 7 जिलों में अब तक कुल 2,33,520 स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। इसमें सबसे अधिक 90,353 स्मार्ट मीटर अकेले ग्वालियर शहर में लगे हैं, जो संभाग की कुल संख्या का लगभग 39 प्रतिशत है। इसके अलावा शिवपुरी में 33,253, गुना में 32,329, ग्वालियर ग्रामीण क्षेत्र में 26,438, मुरैना में 23,123, दतिया में 18,664 और श्योपुर जिले में 9,360 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
प्रशासनिक पक्ष
बिजली कंपनी (शहर वृत्त) के महाप्रबंधक संदीप कालरा ने बताया कि उपभोक्ताओं की संतुष्टि के लिए पुराने मीटर साथ लगाकर रीडिंग की जांच कराई जा रही है और आवश्यकतानुसार प्रयोगशाला में भी परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर तेज चलने की धारणा एक भ्रांति है, फिर भी यदि जांच में किसी मीटर में तकनीकी खराबी पाई जाती है, तो नियमानुसार उसका निराकरण किया जाएगा।




