भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बहुचर्चित रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को करीब एक महीने बाद बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मुख्य आरोपी और घर के केयरटेकर वरुण कुमार को विशेष जांच दल (SIT) ने उत्तर प्रदेश के आगरा से धर दबोचा। हालांकि, मंगलवार सुबह जब पुलिस टीम उसे आगरा से भोपाल ला रही थी, तभी मुगालिया छाप के पास आरोपी ने पुलिसकर्मियों से झूमा-झटकी कर भागने की कोशिश की। पुलिस की त्वरित जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लग गई। घायल अवस्था में आरोपी वरुण को तत्काल हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कड़ी सुरक्षा के बीच उसका उपचार चल रहा है।


अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (एडिशनल सीपी) शैलेंद्र सिंह चौहान ने आरोपी की गिरफ्तारी और मुठभेड़ की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आगरा से दबोचे गए आरोपी ने भोपाल लाते समय पुलिस हिरासत से फरार होने का दुस्साहसिक प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी। पुलिस अब अस्पताल में स्वास्थ्य सुधार के बाद उससे रिमांड पर कड़ी पूछताछ करेगी, ताकि हत्या के वास्तविक कारणों, लूट की साजिश और वारदात से जुड़े सभी पहलुओं का पर्दाफाश हो सके।


रिटायर्ड आईएएस अधिकारी की हत्या के बाद से ही आरोपी वरुण लगातार ठिकाने बदल रहा था। उस पर 50 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने पुलिस मुख्यालय में पदस्थ एआईजी उमेश तिवारी की अगुवाई में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। पुलिस की कई टीमें ग्वालियर, मथुरा, वृंदावन और पंजाब सहित विभिन्न राज्यों में लगातार दबिश दे रही थीं। हालांकि आरोपी के कई सीसीटीवी फुटेज सामने आए थे, लेकिन वह पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था। आखिरकार तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने उसे आगरा में ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया।


उल्लेखनीय है कि रिटायर्ड आईएएस अधिकारी की नृशंस हत्या के बाद आरोपी की गिरफ्तारी में हो रहे विलंब को लेकर प्रशासनिक महकमे में भारी आक्रोश था। मध्य प्रदेश आईएएस एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले को लेकर पहले मुख्य सचिव और बाद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर आरोपी की अविलंब गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की पुरजोर मांग की थी। एसोसिएशन के इस कड़े रुख के बाद पुलिस पर आरोपी को जल्द पकड़ने का भारी दबाव था।


यह वीभत्स वारदात 30 सितंबर की रात भोपाल के सूरज नगर स्थित उनके आवास पर हुई थी। शातिर आरोपी ने रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी थी। अगली सुबह पत्नी निशी अग्रवाल ने कमरे में उनका लहूलुहान शव देखा तो होश उड़ गए। शुरुआती तफ्तीश में घर की अलमारियों का सारा सामान अस्त-व्यस्त मिला था और किचन में एलपीजी सिलेंडर का पाइप भी निकला हुआ पाया गया था। आशंका जताई गई थी कि आरोपी ने हत्या के बाद घर में आग लगाकर साक्ष्य मिटाने और पूरे मकान को विस्फोट से उड़ाने की खौफनाक साजिश रची थी। घटना के बाद से ही फरार चल रहे केयरटेकर वरुण की गिरफ्तारी के बाद अब यह साफ हो सकेगा कि यह वारदात सिर्फ लूट के इरादे से की गई थी या इसके पीछे कोई गहरी पारिवारिक या निजी रंजिश थी।