भोपाल। राजधानी भोपाल में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे किसानों का आंदोलन बुधवार को तीसरे दिन भी बेहद उग्र रूप ले चुका है। मुख्यमंत्री आवास (सीएम हाउस) का घेराव करने पर अड़े प्रदर्शनकारी किसानों ने पुलिस द्वारा की गई बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है। आंदोलित किसानों ने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि वे पिछले तीन दिनों से अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक शासन-प्रशासन की ओर से उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई है। किसानों का दावा है कि सरकार उनकी समस्याओं का समाधान निकालने के बजाय केवल टालमटोल की नीति अपना रही है।


बैरिकेड्स और सिटी बसों का घेरा तोड़ नर्मदापुरम सेतु से आगे बढ़े किसान

सीएम हाउस की ओर कूच कर रहे प्रदर्शनकारी किसानों का जोश और आक्रोश प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भारी पड़ता दिख रहा है। किसानों ने पुलिस की 8 से 10 बैरिकेडिंग को एक-एक कर पार कर लिया। इसके बाद सुरक्षा के लिए बनाई गई चारों लेयर की बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए किसान आगे बढ़ गए। रास्ते में पुलिस द्वारा रुकावट के तौर पर खड़ी की गई सिटी बसों के घेरे को भी पार करते हुए किसान नर्मदापुरम सेतु से होते हुए सीधे मुख्यमंत्री आवास की ओर लगातार कदम बढ़ा रहे हैं।


मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है और प्रदर्शनकारियों को रोकने की हरसंभव कोशिश कर रहा है, लेकिन किसान लगातार आगे बढ़ते जा रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है।


पहले बैरिकेड्स पर चढ़े, समझाइश के बाद फिर उग्र होकर आखिरी लेयर की ओर बढ़े

बुधवार को प्रदर्शन के दौरान पहले कुछ किसान पुलिस की पहली बैरिकेडिंग के ऊपर चढ़ गए थे, जिन्हें मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने समझाइश देकर नीचे उतारा। नीचे उतरने के बाद किसान कुछ देर तक सड़क पर ही बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। हालांकि, कुछ ही देर में किसान एक बार फिर उग्र हो गए और उग्र नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ गए। किसानों ने पुलिस की तीन लेयर बैरिकेडिंग को उखाड़ फेंका है और अब वे सुरक्षा की अंतिम व आखिरी बैरिकेडिंग की ओर बढ़ रहे हैं। पुलिस बल उन्हें रोकने के लिए मुस्तैद है।


प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर उग्र प्रदर्शन: सीएम मोहन यादव और शिवराज के पुतले फूंके

एक तरफ जहाँ किसान सड़कों पर बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इस मुद्दे पर राजनीति भी गर्मा गई है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (पीसीसी) के बाहर किसान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुतले जलाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।


प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने तीन से चार बार पुतलों में आग लगाने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिस कर्मियों ने हर बार तत्काल पानी डालकर आग बुझा दी। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आंदोलित किसानों की मांगों को अविलंब पूरा करने की पुरजोर मांग उठाई।