रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में केदारनाथ ट्रेकिंग रूट पर चिरबासा के पास पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से पांच साल के एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई।मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के एटा के रहने वाले रोहताश यादव के बेटे यश के तौर पर हुई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के अनुसार, पुलिस कंट्रोल रूम को चिरबासा के पास एक पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने की सूचना मिली। गिरते पत्थर की चपेट में आने से यश की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद, इलाके में तैनात बचाव दल ने बच्चे के शव को पालकी के जरिए जंगलचट्टी स्थित एमआरपी भैरव मंदिर पहुंचाया।
पत्थर गिरने के बाद चिरबासा के पास ट्रेकिंग रूट भी मलबे और पत्थरों से बंद हो गया है। बचाव दल तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं।
रविवार देर शाम से देर रात तक गिरते मलबे और पत्थरों के कारण रास्ता बंद रहा। अधिकारियों ने बताया कि अब तक लगभग 1,200 तीर्थयात्रियों को निकाला जा चुका है जबकि कुछ अन्य अभी भी रास्ते में हैं। बचाव कर्मी उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए काम कर रहे हैं।
चिरबासा इलाका अभी भी जोखिम भरा बना हुआ है क्योंकि आसपास की पहाड़ियों से रुक-रुक कर पत्थर गिरने की आशंका है। बचाव दलों ने तीर्थयात्रियों से इस इलाके से गुजरते समय बहुत सावधानी बरतने की अपील की है।
इस बीच, राज्यभर में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण रविवार (27 सितंबर) को लगातार दूसरे दिन उत्तराखंड में चारधाम यात्रा रोक दी गई। नतीजतन, अभी केवल सीमित संख्या में तीर्थयात्री ही गौरीकुंड की ओर लौटते हुए इस रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं। बचाव दल उनकी आवाजाही पर नजर रख रहे हैं और सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया की देखरेख कर रहे हैं।
भारी बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद ऋषिकेश के पास राफ्टिंग गतिविधियां भी रोक दी गईं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को चमोली, रुद्रप्रयाग, चंपावत, नैनीताल और पौड़ी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया था, जिसमें भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया था।
शनिवार से ही उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के कारण तापमान में काफी गिरावट आई है। देहरादून में रविवार को अधिकतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से लगभग नौ डिग्री कम था जबकि न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को 24 घंटे हाईअलर्ट पर रहने और पूरे राज्य में लोगों व तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।












