विशाखापत्तनम। टेनिस के दिग्गज और टीम के मालिक लिएंडर पेस की मौजूदगी में, 'फ्लाइंग मैन कोलकाता टाइगर्स' ने आईजीपीएल एक्स-गोल्फ का पहला संस्करण जीत लिया। यह प्रतियोगिता विशाखापत्तनम के विजाग गोल्फ क्लब में खेली गई।

आईजीपीएल एक्स-गोल्फ प्रतियोगिता, चार दिनों तक चले गोल्फ उत्सव 'मैरीटाइम इनविटेशनल 2026' के समापन पर आयोजित की गई। यह प्रतियोगिता विजाग गोल्फ क्लब में विशेष रूप से तैयार किए गए एक क्षेत्र में हुई।

टीम में सैयद साकिब अहमद, सुखमन सिंह, बाएं हाथ के खिलाड़ी कार्तिक शर्मा और रवि कुमार शामिल थे। रवि कुमार ने वरुण पारिख की जगह ली, जिन्हें मुख्य प्रतियोगिता के तुरंत बाद निजी कारणों से जाना पड़ा। कोलकाता टाइगर्स ने 'यूनिको गुरुग्राम टस्कर्स' को पछाड़ते हुए जीत हासिल की। ​​गुरुग्राम टस्कर्स की टीम में एशियन टूर के लिए चुने गए पुखराज सिंह, उनके भाई दिगराज सिंह गिल, शौर्य बिनु और शत मिश्रा शामिल थे।

'गोल्फकनेक्ट बेंगलुरु स्टैलियंस जीसी' तीसरे स्थान पर रही। इस टीम में युवा वीर गणपति, त्रिशूल चिनप्पा, सुधीर शर्मा और सनहित बिश्नोई शामिल थे।

इससे पहले, तीन दिनों तक चले मुख्य इवेंट में टीम प्रतियोगिता जीतने वाली 'विमत्रा चेन्नई लायंस जीसी' टॉप-सीडेड टीम थी, लेकिन वे सेमीफाइनल में बाहर हो गए। इसके बाद बाकी तीन टीमों के बीच शीर्ष सम्मान के लिए मुकाबला हुआ।

इंडियन गोल्फ प्रीमियर लीग (आईजीपीएल) ने विजाग गोल्फ क्लब में अपने एक रोमांचक नए फॉर्मेट, 'एक्स-गोल्फ' को पेश किया। यह इवेंट विजाग डॉल्फिन्स जीसी द्वारा आयोजित तीन दिवसीय टूर्नामेंट, 'मैरीटाइम इनविटेशनल 2026' के पूरा होने के बाद आयोजित किया गया।

आईजीपीएल के प्रत्येक इवेंट में, मुख्य टूर्नामेंट के एक दिन बाद 'एक्स-गोल्फ' प्रतियोगिता होगी। यह एक तेज गति वाली, टीम-आधारित प्रतियोगिता है, जिसमें जीत का फैसला स्पीड, सटीकता और तालमेल के आधार पर होता है। मुख्य टूर्नामेंट में किए गए प्रदर्शन के आधार पर टीमों को 1 से 10 तक की रैंकिंग (सीडिंग) दी जाती है।

'एलिमिनेटर 1' में 9 टीमें हिस्सा लेती हैं, जिन्हें तीन-तीन टीमों के 3 समूहों में बांटा जाता है। इसके बाद 'एलिमिनेटर 2' में 6 टीमें होती हैं - प्रत्येक समूह से 2 टीमें। फिर उन्हें उनके समय के आधार पर रैंक किया जाता है और मैच इस तरह होते हैं: 1 बनाम 6, 2 बनाम 5, और 3 बनाम 4।

'एलिमिनेटर 2' की तीन विजेता टीमें, टॉप-सीडेड टीम के साथ जुड़ती हैं, जिसे सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश मिलता है। इसके बाद ये 4 टीमें आपस में खेलती हैं, जिनमें से टॉप 3 टीमें फाइनल में पहुंचती हैं, जहां से चैंपियन का फैसला होता है।

टॉप-सीडेड टीम को सीधे सेमीफाइनल में जगह मिलती है, जबकि बाकी नौ टीमों को तीन-तीन के तीन समूहों में बांटा जाता है। 'ग्रुप ए' में 2, 5 और 8 नंबर की टीमें होती हैं; 'ग्रुप बी' में 3, 6 और 9 नंबर की टीमें; और 'ग्रुप सी' में 4, 7 और 10 नंबर की टीमें होती हैं।

इसमें गति और सटीकता सबसे महत्वपूर्ण हैं। पहला एलिमिनेटर एक 'पार-4' होल पर खेला जाता है, जिसमें हर समूह की सबसे धीमी टीम बाहर हो जाती है। शेष छह टीमों को उनके समय के आधार पर रैंक किया जाता है और उन्हें 'पार-3' एलिमिनेटर के लिए जोड़ा जाता है। यहां जीतने वाली तीन टीमें सेमीफाइनल में टॉप-सीडेड टीम के साथ जुड़ती हैं।

इसके बाद सेमीफाइनल में पहुंचने वाली चार टीमें एक 'पार-3' होल पर मुकाबला करती हैं, जिसमें से सबसे तेज तीन टीमें फाइनल में पहुंचती हैं। अगर मुकाबला टाई हो जाता है, तो मॉन्स्टर पट, जिसमें होल के सबसे करीब गेंद पहुंचानी होती है) या 'बंकर शॉट' का इस्तेमाल करके विजेता तय किया जाता है। फाइनल में तीन टीमें 70-100 गज की दूरी से 'पार-2' होल पर मुकाबला करेंगी, जिसमें रास्ते में आने वाली रुकावटें चुनौती को और बढ़ा देंगी। सबसे तेज समय में पूरा करने वाली टीम को 'एक्स-गोल्फ' चैंपियन घोषित किया जाएगा।

इस फॉर्मेट में समय-आधारित स्कोरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। इसमें 'आउट-ऑफ-बाउंड्स' शॉट्स, देरी, खिलाड़ी के समय से पहले हिलने-डुलने और नियमों के अन्य उल्लंघनों पर पेनाल्टी लगाई जाएगी। 'बर्डी', 'ईगल' और 'होल-इन-वन' करने पर टीमों को समय का बोनस मिलेगा, जबकि 'बोगी' या उससे खराब स्कोर करने पर अतिरिक्त समय जुड़ जाएगा।

टीम की संरचना प्रत्येक चरण के हिसाब से अलग-अलग होगी। 'पार-4' के लिए चार खिलाड़ी, और 'पार-3' तथा 'पार-2' फाइनल के लिए तीन खिलाड़ी होंगे। खिलाड़ियों को ड्राइविंग, अप्रोच, चिपिंग और पुटिंग जैसी विशेष भूमिकाएं सौंपी जाएंगी।