नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के विवादित बयान पर भारतीय जनता पार्टी के नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने तीखा पलटवार किया। नकवी ने कांग्रेस पर मंच से गाली और सड़क पर मवाली वाली राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब गोलकीपर ही सेल्फ गोल करने लगे तो टीम को पूरी छूट मिल जाती है। उन्होंने पीएम मोदी को लेकर दिए गए बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि देश ऐसी राजनीति का जवाब देता रहा है, बावजूद इसके कांग्रेस की भाषा नहीं बदल रही।मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "स्टेज पर गाली और स्ट्रीट पर मवाली जैसा व्यवहार करते-करते ग्रैंड ओल्ड पार्टी गाली गैंग की गैंगस्टर बनती जा रही है। अगर स्टेज पर गाली और सड़क पर मवाली बनने की राजनीति जारी रहेगी, तो इसी तरह के हालात दिखाई पड़ेंगे। दूसरी बात यह है कि जब गोलकीपर ही सेल्फ गोल करने में लगा हो, तो टीम भी कहेगी कि हमें पूरी छूट है। जब हमारा गोलकीपर ही थोक में सेल्फ गोल कर रहा है, तो हम फुटकर में तो करेंगे ही।"

उन्होंने कहा कि इसी का नतीजा है कि यह गाली गैंग हर दिन एक नई गाली और नई मवाली वाली भूमिका में दिखाई देती है। अगर आप देखें, तो पिछले 25 सालों में प्रधानमंत्री को जितनी गालियां इस गाली गैंग ने दी हैं, उससे तो गालियों की डिक्शनरी भी शर्मिंदा महसूस करे। ये लगातार गाली देते रहे हैं, लेकिन देश ने प्रधानमंत्री को दी गई गालियों का हिसाब सूद-ब्याज सहित इनसे लिया है। फिर भी, चोर चोरी से जाए, हेराफेरी से न जाए।

भाजपा नेता ने कहा कि आप मंच पर शुद्धिकरण के नाम पर भावनात्मक झांसा देने में लगे हुए थे, लेकिन आपका यह भावनात्मक झांसा गाली के झटके में छूमंतर हो गया। जब तक आपकी सोच हार की हताशा और निराशा से भरी रहेगी, जब तक आप जनादेश के प्रति अपमानजनक सोच और सनक में डूबे रहेंगे, तब तक वही आपके दिमाग में रहेगा और वही आपकी जुबान पर दिखाई देगा।

फारूक अब्दुल्ला के बयान पर उन्होंने कहा कि इनकी दिक्कत यह है कि धारा 370 हटने के बाद जो आतंकवादी और अलगाववादी थे, उन पर लगाम लगी है और नियंत्रण हुआ है। इसके साथ ही आतंकवादियों और अलगाववादियों को प्रायोजित करने वाले, संरक्षण देने वाले और उन्हें बढ़ावा देने वाले लोग भी अलग-थलग पड़े हैं। इसलिए जो आतंकवादियों और अलगाववादियों के संरक्षक थे, उनके कभी-कभी बिगड़े बोल सुनाई पड़ते हैं और उनकी हसरतें भी हिचकोले भरने लगती हैं। इन हसरतों के हिचकोले भरते-भरते वे पाकिस्तान की सीमा तक पहुंच जाती हैं।

जामिया मिलिया इस्लामिया विवाद पर मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि जामिया में इन दिनों जो प्रदर्शन चल रहा है, उस पर मेरा कहना है कि जामिया हो या जंतर-मंतर, उसे अराजकता का मनोरंजन अड्डा नहीं बनने देना चाहिए। जो लोग जंतर-मंतर या जामिया को अराजकता और उच्छृंखलता का केंद्र बनाकर माहौल खराब करना चाहते हैं, उनके खिलाफ कानून अपना काम करेगा। राहुल गांधी शायद चाहते हैं कि उनके खिलाफ इतने केस हों कि वे कोई विश्व रिकॉर्ड बना लें। यदि वे लगातार कानून तोड़ेंगे, कानून की धज्जियां उड़ाएंगे और कानून को जेब में रखकर घूमेंगे, तो कानून अपना काम करेगा। कानूनी और तकनीकी प्रक्रियाओं के तहत जो होगा, वह होगा, लेकिन मैं मानता हूं कि कानून तोड़ने की उनकी सनक को किसी भी प्रकार का संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सपा-कांग्रेस गठजोड़ और उनकी सीट शेयरिंग को लेकर मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि चाहे समाजवादी पार्टी हो या कांग्रेस, दोनों को अच्छी तरह मालूम है कि 2027 के चुनावी चक्रवात में वे फिर एक बार चारों खाने चित होने वाले हैं। इसलिए कांग्रेस पार्टी तोप की मांग कर रही है और समाजवादी पार्टी तमंचे की मंजूरी देने में लगी हुई है। कांग्रेस कहती है कि हमें 200 सीटें चाहिए, जबकि दूसरी तरफ से कहा जाता है कि 20 से ज्यादा नहीं मिलेंगी। इसलिए कह रहा हूं कि चाहे तोप हो या तमंचा, इस चुनावी चक्रवात में दोनों के परखच्चे उड़ेंगे और दोनों चारों खाने चित होंगे।

इंडिया ब्लॉक की रैली को लेकर उन्होंने कहा कि 1 नवंबर की बड़ी रैली का सवाल है। मेरा मानना है कि इस रैली में भी यह ग्रैंड ओल्ड पार्टी, जिसे मैं गाली गैंग की गैंगस्टर पार्टी कहता हूं, एक नया सेल्फ गोल करेगी और उसके बाद फिर रोती हुई दिखाई देगी।