पन्ना | पन्ना जिला प्रशासन और परिवहन विभाग (RTO) की नाक के नीचे यात्री बसों में चल रही मनमानी और दबंगई का एक ऐसा खौफनाक चेहरा सामने आया है, जिसने पूरी इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। अजयगढ़ से चंदला मार्ग पर चलने वाली मां शारदा ट्रेवल्स की बस में एक 105 वर्ष के अति बुजुर्ग नागरिक के साथ महज किराए की छूट को लेकर न केवल बदसलूकी की गई, बल्कि उन्हें चलती बस से नीचे फेंक देने की धमकी तक दे डाली गई। इस घटना के बाद से क्षेत्र के नागरिकों और बस में सफर कर रहे यात्रियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। चंदला बस स्टैंड पर उतरकर यात्रियों ने पन्ना कलेक्टर और आरटीओ से आरोपी कंडक्टर के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने और बस का परमिट निरस्त करने की पुरजोर मांग की है।


रिश्तेदारों से मिलकर लौट रहे थे लाचार धन्नी लोधी, लाठी के सहारे किया सफर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के खरौनी ग्राम में रहने वाले अपने रिश्तेदारों से मुलाकात करने के बाद 105 वर्षीय अति बुजुर्ग धन्नी लोधी अपने घर वापस लौट रहे थे। लाठी के सहारे बमुश्किल कदम बढ़ाने वाले इस लाचार बुजुर्ग को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि अपनी ही माटी पर चंद रुपयों के लिए उन्हें इस कदर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित होना पड़ेगा। वे अजयगढ़ से चंदला जाने के लिए बस क्रमांक एमपी 35 पी 0331 में सवार हुए थे, जहां उनके साथ यह अमानवीय कृत्य घटित हुआ।


जनसुनवाई का पत्र हवा में फेंका, यात्रियों की गैरत जागी तो थमा विवाद

पीड़ित बुजुर्ग धन्नी लोधी ने बस टिकट के पैसे देते समय कंडक्टर को जिला प्रशासन के जनसुनवाई शिविर का एक आधिकारिक पत्र दिखाया। इस पत्र पर वरिष्ठ अधिकारियों के हस्ताक्षर और मार्क अंकित था, जिसमें वृद्ध की लाचारी और अति-वरिष्ठ आयु को देखते हुए बस किराए में नियमानुसार छूट देने का स्पष्ट अनुरोध किया गया था।


सत्ता के नशे में चूर था कंडक्टर: प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पत्र देखते ही आगबबूला हुए निर्दयी कंडक्टर ने उस सरकारी आदेश पत्र को हवा में फेंक दिया। उसने चिल्लाते हुए कहा कि वह किसी सरकारी आदेश को नहीं मानता। जब बुजुर्ग ने असमर्थता जताई, तो जालिम कंडक्टर ने इस देश के सबसे वयोवृद्ध नागरिकों में से एक को चलती बस से नीचे फेंकने की धमकी दे दी। कंडक्टर की इस गुंडागर्दी को देख बस में मौजूद अन्य यात्रियों की गैरत जाग उठी और उन्होंने सामूहिक रूप से इस बदतमीजी का पुरजोर विरोध किया, जिसके बाद कंडक्टर बैकफुट पर आया।


अजयगढ़-चंदला रूट पर कबाड़ बसें, टेम्परेरी परमिट का खेल

इस घटना ने पन्ना जिले के परिवहन विभाग (RTO) की कार्यप्रणाली को पूरी तरह कठघरे में खड़ा कर दिया है। स्थानीय निवासियों का सीधा आरोप है कि इस रूट पर दौड़ने वाली अधिकांश बसें पूरी तरह कबाड़ हो चुकी हैं, जो कबाड़घर या किसी स्कूल बस के लायक भी नहीं हैं। बस मालिकों द्वारा इन कंडम वाहनों को बेहद कम कीमत पर खरीद लिया जाता है और बिना किसी पुख्ता फिटनेस जांच व मैकेनिकल क्लीयरेंस के, सिर्फ सांठगांठ के दम पर 'टेम्परेरी परमिट' (अस्थाई परमिट) लेकर अजयगढ़ से चंदला रूट पर दौड़ाया जा रहा है। ये बस संचालक और इनके कर्मचारी आम जनता से मनमाना किराया वसूलते हैं।


कार्रवाई की मांग: परमिट निरस्त हो और कंडक्टर जाए जेल

चंदला बस स्टैंड पर एकत्रित हुए जागरूक नागरिकों और यात्रियों ने पन्ना कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और आरटीओ विभाग को सीधे निशाने पर लेते हुए सवाल किया है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी किस बड़े हादसे या अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं?


जनता ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  1. एफआईआर और गिरफ्तारी: बुजुर्ग को प्रताड़ित करने और शासकीय कागज का अपमान करने वाले बदतमीज कंडक्टर के खिलाफ तत्काल संबंधित थाने में आपराधिक मामला दर्ज कर उसे जेल भेजा जाए।
  2. परमिट निरस्तीकरण: 'मां शारदा ट्रेवल्स' की इस विशेष बस का परमिट और फिटनेस तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए।
  3. सघन चेकिंग अभियान: अजयगढ़-चंदला मार्ग पर अवैध रूप से संचालित हो रहीं सभी अस्थाई परमिट वाली और कंडम बसों की तकनीकी जांच के लिए आरटीओ द्वारा औचक चेकिंग अभियान चलाया जाए।


स्थानीय समाजसेवियों का कहना है कि यदि 105 वर्ष के पूजनीय बुजुर्ग को जिला प्रशासन समय रहते न्याय नहीं दिला पाता है, तो यह संपूर्ण पन्ना जिला प्रशासन के माठे पर कभी न मिटने वाला एक अमिट कलंक होगा।