वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि यदि नवंबर के मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस पर नियंत्रण खो देती है तो वह अपनी वीटो शक्ति का इस्तेमाल कर कानूनों को रोक देंगे और डेमोक्रेट्स को बातचीत के लिए मजबूर करेंगे।राष्ट्रपति ट्रंप ने इस चिंता को खारिज कर दिया कि राजनीतिक गतिरोध अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है।
फ्लोरिडा में एक चुनावी रैली के लिए रवाना होने से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में पत्रकारों से बात करते हुए विश्वास जताया कि रिपब्लिकन पार्टी चुनाव जीतेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि यदि डेमोक्रेटिक पार्टी कांग्रेस पर नियंत्रण हासिल कर लेती है तो वह कैसे प्रतिक्रिया देगी।
उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि रिपब्लिकन जीतेंगे, लेकिन अगर वैसी स्थिति आती है जिसे आप गतिरोध (ग्रिडलॉक) कहते हैं तो मैं हर चीज पर वीटो लगा दूंगा और फिर डेमोक्रेट्स मेरे पास आएंगे, क्योंकि उन्हें समझौता करना होगा।"
राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि विभाजित सरकार होने का मतलब यह नहीं होगा कि वह अपनी प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में असफल रहेंगे।
इसके बजाय, उनका तर्क था कि राष्ट्रपति द्वारा बार-बार वीटो का इस्तेमाल किए जाने की संभावना अंततः डेमोक्रेट्स को बातचीत और समझौते की मेज पर आने के लिए मजबूर कर देगी। उन्होंने कहा, "हम इसका कोई न कोई समाधान निकाल लेंगे।"
ट्रंप ने इस रणनीति को विधायी गतिरोध को तोड़ने का एक तरीका बताया। उनके अनुसार, लगातार वीटो की संभावना विपक्षी दल को व्हाइट हाउस के साथ समझौता करने और मध्य मार्ग निकालने के लिए प्रेरित करेगी।
उन्होंने कहा, "अगर ऐसा होता है तो आप वीटो करते हैं और फिर वे आपके पास आते हैं और कहते हैं, 'इसे कैसे आगे बढ़ाया जाए?' तब आप एक समझौता कर लेते हैं।"
उनका यह बयान उस सवाल के जवाब में आई थी कि क्या दो साल तक विधायी गतिरोध (लेजिस्लेटिव ग्रिडलॉक) रहने से अमेरिका की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचेगा।
इस प्रश्न का उत्तर देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने शुरुआत में चर्चा को ईरान की ओर मोड़ दिया, लेकिन बाद में इस संभावना पर बात की कि रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस पर अपना नियंत्रण खो सकती है।
उनकी ये टिप्पणियां ऐसे समय में आईं, जब वे मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की संभावनाओं को मजबूत करने के लिए लगातार और व्यापक चुनावी अभियान चला रहे थे।
ट्रंप ने कहा कि उनकी चुनावी सभाओं में बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं और इससे कई राज्यों में रिपब्लिकन उम्मीदवारों को लाभ मिल रहा है।
उन्होंने हाल ही में आयोवा में किए गए चुनाव प्रचार का जिक्र किया और फ्लोरिडा और मिशिगन में होने वाले आगामी कार्यक्रमों की भी चर्चा की। राष्ट्रपति ने यह भी स्वीकार किया कि रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सीनेट उम्मीदवारों को कड़े मुकाबलों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि रिपब्लिकन मतदाताओं के बीच उत्साह अब भी मजबूत बना हुआ है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस सुझाव को भी खारिज कर दिया कि उनके लगातार चुनाव प्रचार अभियानों से किसी प्रकार की राजनीतिक प्रतिक्रिया या नकारात्मक प्रभाव पैदा हो सकता है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि उनकी चुनावी रैलियां रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों की मदद कर रही हैं और चुनाव से पहले वे अपना प्रचार अभियान जारी रखेंगे।
इस बातचीत से इस बात की झलक मिली कि यदि नवंबर के चुनावी नतीजों के बाद राजनीतिक नियंत्रण में बदलाव आता है तो ट्रंप कांग्रेस के साथ अपने संबंधों को किस तरह संभाल सकते हैं।
विधायी गतिरोध (लेजिस्लेटिव ग्रिडलॉक) को एक बाधा या झटके के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय, राष्ट्रपति ने अपनी वीटो शक्ति को एक राजनीतिक सौदेबाजी के उपकरण के रूप में पेश किया। उनके अनुसार, वीटो का इस्तेमाल डेमोक्रेट सांसदों को बातचीत और समझौते की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए मजबूर कर सकता है।
इसका मतलब यह है कि राष्ट्रपति ट्रंप का मानना था कि यदि कांग्रेस में राजनीतिक गतिरोध की स्थिति बनती है तो वे अपने वीटो अधिकार का बार-बार उपयोग करके डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों पर दबाव बना सकते हैं, जिससे अंततः दोनों पक्षों के बीच बातचीत और समझौता संभव हो सके।













