भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचे राज्यसभा सांसद और मशहूर शायर इमरान प्रतापगढ़ी ने एक पत्रकार वार्ता (पीसी) को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखे सियासी हमले बोले। इमरान प्रतापगढ़ी पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अर्जुन सिंह की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित मुशायरे में शिरकत करने भोपाल पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह 'राहुल' और विधायक आरिफ मसूद के निमंत्रण पर वे इस गरिमामयी आयोजन का हिस्सा बनने आए हैं।
पत्रकार वार्ता के दौरान इमरान प्रतापगढ़ी ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज कांग्रेस नेता स्व. अर्जुन सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए उन्हें भारतीय राजनीति का कद्दावर नेता बताया। उन्होंने कहा कि स्व. अर्जुन सिंह ने हमेशा समाज के दबे-कुचले और अल्पसंख्यक वर्ग के उत्थान के लिए काम किया। केंद्र में रहते हुए उन्होंने विशेष रूप से अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी खुद मांगकर ली और देश भर के अल्पसंख्यक समाज की भलाई के लिए अपनी ऐतिहासिक सेवाएं दीं, जिसे देश हमेशा याद रखेगा।
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'वोट बचाओ, देश बचाओ' के मुद्दे पर बात करते हुए सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी को सबसे पहले अराजकता की सही परिभाषा समझनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब देश के छात्र अपने अधिकारों की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने पहुंचे, तो उन पर पेलेट गन और लाठियां चलाई गईं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज देश में लोकतंत्र बचाने की जरूरत है, लेकिन असल खतरा लोकतंत्र को केवल भारतीय जनता पार्टी की तानाशाही नीतियों से है।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची में गड़बड़ी पर उठाए गंभीर सवाल
इमरान प्रतापगढ़ी ने चुनाव आयोग की भूमिका और निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने सवाल दागते हुए कहा कि पूरी चुनाव प्रक्रिया पर संदेह तब गहराता है जब चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली पर बार-बार आपत्तियां दर्ज होती हैं। उन्होंने राजस्थान के एक आश्रय गृह (MR होम) का चौंकाने वाला उदाहरण देते हुए कहा कि वहां मतदाता रिकॉर्ड में 41 लोगों के पिता के नाम के स्थान पर सीधे 'जिला अधिकारी' दर्ज किया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी की मानसिकता ऐसी हो चुकी है कि उनकी नजर में वह हर नागरिक 'घुसपैठिया' है, जो उन्हें वोट नहीं देता।
तानाशाही रवैये पर कड़ा प्रहार
पत्रकार वार्ता के अंत में इमरान प्रतापगढ़ी ने लोकतांत्रिक मर्यादाओं की रक्षा का संकल्प दोहराते हुए सत्तापक्ष के शीर्ष नेतृत्व और मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधा हमला बोला। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि देश की जनता अब सब समझ रही है और लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी पद पर बैठे हों, उनकी विदाई तय है। उन्होंने दावा किया कि जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने वालों को आने वाले समय में सत्ता से बाहर का रास्ता देखना पड़ेगा।
















