नई दिल्ली। नेफेड यानी राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (एनएएफईडी) की 69वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में किसानों की आय बढ़ाने, खरीद व्यवस्था को मजबूत करने, ड्रोन तकनीक के विस्तार और किसान परिवारों के बच्चों की शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों पर चर्चा हुई। बैठक में नेफेड के चेयरमैन जेठाभाई अहीर और प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल ने संस्था की उपलब्धियों तथा भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।नेफेड के चेयरमैन जेठाभाई अहीर ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि पिछले वर्ष संस्था की खरीद और कारोबार का स्तर लगभग 33,000 करोड़ रुपए रहा था। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि चालू वर्ष में नेफेड का कारोबार करीब 46,000 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है और संस्था इस लक्ष्य को पार करने में भी सफल रहेगी।

उन्होंने आगे बताया कि किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और कृषि उत्पादों की खरीद व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नेफेड लगातार काम कर रहा है।

जेठाभाई अहीर ने कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि नेफेड किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की 'ड्रोन दीदी' विमला की तरह देश के प्रत्येक राज्य में अधिक से अधिक महिलाओं को ड्रोन तकनीक से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ड्रोन दीदी योजना के अनुरूप नेफेड महिलाओं, युवाओं और किसानों को इस अभियान से जोड़ना चाहता है ताकि खेती में आधुनिक तकनीकों का अधिक उपयोग हो सके और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिले।"

इसके साथ ही, नेफेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) दीपक अग्रवाल ने आईएएनएस से कहा कि संस्था ने इस वर्ष खरीद के लिए लगभग 30,000 करोड़ रुपए का लक्ष्य निर्धारित किया है, लेकिन वास्तविक खरीद कई कारकों पर निर्भर करती है।

उन्होंने कहा कि यदि बाजार कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊपर रहती हैं तो सरकारी खरीद कम होती है, जबकि बाजार भाव एमएसपी से नीचे होने पर खरीद बढ़ जाती है। इसके अलावा मौसम, उत्पादन और अन्य परिस्थितियां भी खरीद की मात्रा को प्रभावित करती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि खरीद केवल लक्ष्य तय कर देने से नहीं होती, बल्कि उस समय की बाजार स्थितियों और उत्पादन पर भी निर्भर करती है।

अग्रवाल ने आगे बताया कि बैठक में एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना को मंजूरी दी गई, जिसके तहत नेफेड अपने शुद्ध लाभ का एक प्रतिशत हिस्सा किसानों के बच्चों की शिक्षा के लिए खर्च करेगा।

उन्होंने कहा, "ऐसे किसान परिवार, जिनके बच्चे मेधावी हैं लेकिन आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा पूरी करने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं, उन्हें इस योजना के तहत 1 लाख रुपए तक की छात्रवृत्ति दी जाएगी। इस प्रस्ताव को बैठक में मंजूरी प्रदान की गई।"

दीपक अग्रवाल ने बताया कि वार्षिक आम बैठक में नेफेड के उपनियमों में भी संशोधन किया गया, जिसके तहत संस्था के शेयर कैपिटल को 100 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 200 करोड़ रुपए कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि इससे अधिक सहकारी समितियों को सदस्य बनने का अवसर मिलेगा और संस्था की वित्तीय क्षमता भी मजबूत होगी।

नेफेड के एमडी ने आगे कहा, "वित्त वर्ष 2025-26 में संस्था ने लगभग 29,000 करोड़ रुपए का कारोबार किया। इस दौरान नेफेड ने करीब 423 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ (पीएटी) अर्जित किया।"

उन्होंने कहा कि संस्था के वित्तीय प्रदर्शन को आम सभा के समक्ष प्रस्तुत किया गया और सदस्यों द्वारा इसकी मंजूरी दी गई।

इसके अलावा, दीपक अग्रवाल ने कहा कि ड्रोन तकनीक, उच्च गुणवत्ता वाले बीज और अन्य कृषि इनपुट्स को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार और कृषि मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के तहत काम किया जा रहा है। नेफेड इन कार्यक्रमों में सरकार के दिशा-निर्देशों और राज्यों के सहयोग से अपनी भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों के इस्तेमाल से किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।