नई दिल्ली। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बना हुआ है। यह केंद्र सरकार के नीतिगत हस्तक्षेपों की सफलता और भारतीय परिवारों की लगातार तेज आर्थिक गतिविधियों का संकेत है। यह बयान सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सचिव डॉ.सौरभ गर्ग की ओर से सोमवार को दिया गया।वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही का जीडीपी डेटा जारी होने के बाद गर्ग ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बना हुआ है और बीते तीन वर्षों में लगातार तेज ग्रोथ हासिल करने में सफल रहा है। यह सरकार के नीतिगत हस्तक्षेपों की सफलता और भारतीय परिवारों की तेज आर्थिक गतिविधियों का संकेत है।
उन्होंने आगे कहा कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होने के पीछे बड़ी वजह सुधार है। बीते एक साल में जीएसटी 2.0 जैसे सुधार लागू हुए हैं, जिनका सीधा असर लेनदेन पर पड़ा है। इसके साथ डेटा के सोर्स में भी सुधार हुआ है। अगर हम किसी चीज की सही तरीके से मॉनिटरिंग कर पाते हैं तो हम उस आधार पर सही कदम उठा पाते हैं।
गर्ग ने आगे भारत की तेज वृद्धि का श्रेय भारतीय उपभोक्ता, भारतीय परिवारों, निजी अंतिम उपभोग व्यय, कॉर्पोरेट और सरकार द्वारा निवेश को दिया।
वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में विकास दर 7.8 प्रतिशत रही है। यह पिछले साल की समान अवधि की विकास दर 6.9 प्रतिशत से 0.9 प्रतिशत ज्यादा है।
इससे पहले, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की रियल जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही है, जो अर्थव्यवस्था की मजबूती और लचीलेपन को दर्शाता है।
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि इस तिमाही के दौरान नॉमिनल जीडीपी में 10.3 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है, जबकि वास्तविक ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
वित्त मंत्री ने इस शानदार प्रदर्शन का श्रेय भारत के लोगों की कड़ी मेहनत को दिया और कहा कि एनडीए सरकार द्वारा किए गए सुधारों और अर्थव्यवस्था के कुशल प्रबंधन के अच्छे नतीजे मिल रहे हैं।




