नई दिल्ली। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने शुक्रवार को चीन के संबंध में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर की टिप्पणियों को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी लेने के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना करने में व्यस्त हैं।आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने गुरुवार को बताया कि हाल के दिनों में अरुणाचल प्रदेश में सीमा के पास कई जगहों पर चीनी सैनिकों के साथ आमना-सामना हुआ है और यह स्थिति अभी बनी हुई है। इसके बाद एक विवाद खड़ा हो गया।
आईएएनएस से बात करते हुए सुप्रिया श्रीनेत ने सरकार पर चीन के सामने झुकने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, "गलवान में हमारे सैनिकों के शहीद होने के बावजूद चीन को क्लीन चिट दे दी गई। आप चीन की भाषा बोलते हैं।समस्या यह है कि जब आईटीबीपी के महानिदेशक कहते हैं कि हम अभी तक चीन के स्तर तक आधुनिक नहीं हुए हैं तो यह किसकी जिम्मेदारी है? यह प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी है।"
चीनी सैनिकों के साथ आमना-सामना को लेकर आईटीबीपी महानिदेशक की टिप्पणी का जिक्र करते हुए श्रीनेत ने कहा, "प्रधानमंत्री कांग्रेस और राहुल गांधी की आलोचना करने में व्यस्त हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर उनके बयान रक्षा बलों के लिए एक झटका हैं।"
इस आलोचना में शामिल होते हुए सीपीआई-एम नेता हन्नान मोल्लाह ने भी कहा कि इस मामले को सुलझाने की दिशा में काम करना सरकार की जिम्मेदारी है।
मोल्लाह ने कहा, "यह (तनाव) अरुणाचल प्रदेश के आम लोगों के जीवन और सुरक्षा को प्रभावित करता है। वे नाखुश हैं। चीजों को ठीक करना सरकार की जिम्मेदारी है। दो देशों के बीच के मुद्दों को लेकर आम जनता कुछ नहीं कर सकती। जब वे (नेता) एक साथ बैठते हैं, तो उन्हें कूटनीतिक और राजनीतिक तरीकों से इसे सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए।"
हालांकि सीपीआई सांसद पी. संतोष कुमार ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार और रक्षा बलों के साथ खड़ी है। उन्होंने आईएएनएस से कहा, "हमारी क्षेत्रीय अखंडता की हर कीमत पर रक्षा की जानी चाहिए। इसलिए हम भारत सरकार और अपने बलों के साथ खड़े हैं। साथ ही बातचीत और चर्चा ही इसका समाधान है, इसलिए भारत को पहल करनी चाहिए। द्विपक्षीय चर्चाओं को बढ़ावा दिया जाना चाहिए और किसी को भी तनाव बढ़ाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।"
इस बीच, जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एस.पी. वैद ने आईटीबीपी प्रमुख की टिप्पणी को स्पष्ट करने की कोशिश की और चीन को एक 'धौंस जमाने वाला' देश बताया।
उन्होंने कहा, "उनका (आईटीबीपी प्रमुख का) कहने का मतलब यह था कि आमना-सामना इसलिए हो रहा है, क्योंकि चीन, यानी उसकी पीएलए और सीसीपी, एक दादागीरी करने वाला देश है। वह अपने सभी पड़ोसी देशों को, जिनमें वे 21 देश शामिल हैं जिनके साथ चीन की सीमाएं लगती हैं, डराता-धमकाता है और उनकी जमीन हड़पना चाहता है। हमने कुछ साल पहले लद्दाख में जो हुआ था वह देखा ही है; वे अक्सर ऐसी हरकतें करते रहते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि उन्होंने भारतीय जमीन पर कब्जा कर लिया है, बल्कि भारत एक दादागीरी करने वाला देश को उसी की भाषा में जवाब दे रहा है।"
















