नई दिल्ली। इस्लामी क्रांति के नेता अयातुल्लाह सैय्यद मोजतबा होसैनी खामेनेई ने पूर्व इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) कमांडर मोहसिन रेजाई को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (एसएनएससी) में अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया है।

सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट पर ल‍िखा, ''डॉ. मोहसिन रेजाई, आपके बहुमूल्य अनुभव को ध्यान में रखते हुए, मैं आपको सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में अपना प्रतिनिधि नियुक्त करता हूं। जो आठ वर्ष तक चले गौरवशाली 'पवित्र रक्षा' के शुरुआती कमांडरों में से एक रहे हैं।''

सुप्रीम लीडर ने पोस्‍ट में आगे ल‍िखा, ''डॉ. मोहसिन रेजाई, मुझे उम्मीद है कि आप इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को निभाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल करेंगे और अपने कर्तव्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करेंगे। मैं आपके लिए सफलता और शुभकामनाओं की कामना करता हूं।''

इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की र‍िपोर्ट के अनुसार, रविवार को जारी एक आधिकारिक आदेश में नेता ने रेजाई के 'बहुमूल्य अनुभवों' की सराहना की और उन्हें आठ वर्षीय 'पवित्र रक्षा' यानी 1980 के दशक के ईरान-इराक युद्ध के अग्रणी व्यक्तियों में से एक बताया।

मोहसिन रेजाई 1981 से 1997 तक आईआरजीसी के कमांडर रह चुके हैं। वर्तमान में वे एक्सपीडिएंसी डिसर्नमेंट काउंसिल के सदस्य और सुप्रीम काउंसिल फॉर इकोनॉमिक कोऑर्डिनेशन के सचिव के रूप में भी कार्य कर रहे हैं।

आईआरएनए के अनुसार, आधिकारिक आदेश में नेता ने इस पद पर पहले कार्य कर चुके मोहम्मद बागेर जोलघाद्र के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने उनकी लगातार मेहनत और सेवा के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।

आईआरएनए के अनुसार, आदेश में खामेनेई ने लिखा, "मुझे उम्मीद है कि आप इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को निभाने में पूर्ण सफलता हासिल करेंगे। इमाम महदी की कृपा से आप हमेशा ईरान की गौरवशाली जनता के समर्पित सेवक बने रहें।"

आईआरएनए के अनुसार, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (एसएनएससी) की औपचारिक अध्यक्षता राष्ट्रपति मसूद पेजेश्‍क‍ियन करते हैं। यह परिषद देश की सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े मामलों का समन्वय करती है। इसमें सेना, खुफिया एजेंसियों और सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ इस्लामी क्रांति के नेता के प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं।